डेम अगाथा क्रिस्टी  

डेम अगाथा क्रिस्टी (1890-1976)। जासूसी उपन्यासों की विश्वख्याित अंग्रेजी लेखिका। 15 सिंतबर, 1890 ई. को टार्क्वे, डेवान (इंग्लैंड) में जन्म । अठारह वर्ष की आयु से ही लिखना आरंभ किया। उन्हें उनकी अपनी पहला रचना ‘दि मिस्टीरियस अफेयर्स ऐंड स्टाइल्स’ से ही, जो 1920 में प्रकाशित हुई थी, ख्याति मिलनी आरंभ हो गई थी। अपने लेखक जीवन के पचास वर्षो में उन्होंने लगभग 80 पुस्तकें लिखीं। उनकी जासूसी उपन्यासों के लिखने की शैली प्रचलित परिपाटी से सर्वथा भिन्न रही है। वे अन्य लेखकों की तरह अपराध के सूत्रों को छिपाकर नहीं रखतीं थीं वरन्‌ ज्यों ज्यों उनकी कहानी आगे बढ़ती वे सूत्रों को बिखेरती चलतीं और उन्हीं बिखरे हुए सूत्रों को पकड़कर उनका जासूस अपराधी को खोज निकालता। वे इस बात में विश्वास नहीं करती थीं कि अपराधी जासूसों के हाथ पकड़ा ही जाता है। वे इस बात को मानती थीं कि अपराधी अपनी कला में पुलिस और जासूसों से कहीं अधिक चालाक होते हैं। वे कभी कभी ऐसे सुनियोजित अपराध करते हैं कि पुलिस और जासूस उनका पता नहीं लगा पाते। उनका यह भी विश्वास रहा है कि आधुनिक आविष्कारों का लाभ पुलिस की अपेक्षा अपराधियों ने ही अधिक उठाया है। इसी कारण वे अक्सर पकड़े नहीं जाते और समाज में मुक्त रूप से विचरते रहते हैं।

जासूसी उपन्यासों के अतिरिक्त उन्होंने सत्रह नाटक भी लिखे जो सफल रहे। उनका ‘दि माउस स्ट्रैप’ (चूहेदानी) नामक नाटक लगातर बीस बरसों तक लंदन की अंबेसडर नाट्यशाला में खेला जाता रहा। उनको ‘विटनेस फॉर दि प्रासीक्यूशन’ पर न्यूयॉर्क ड्रामा क्रिटिक्स एवार्ड प्राप्त हुआ था। 1971 ई. में उनको डेम की उपाधि से, जो ब्रिटिश साम्राज्य के नाइटहुड के समकक्ष है, विभूषित किया गया था।

क्रिस्टी ने दो विवाह किए थे। उनके पहले पति कर्नल आर्चिबाल्ड क्रिस्टी थे। उनके निधन के उपरांत उन्होंने प्रोफेसर मैक्स मैलोबर्न से विवाह किया था जो एक प्रख्यात पुरातत्वविद् हैं।

उनका निधन 12 जनवरी, 1976 ई. को वालिंगफोर्ड में हुआ।[1]

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. हिन्दी विश्वकोश, खण्ड 3 |प्रकाशक: नागरी प्रचारिणी सभा, वाराणसी |संकलन: भारत डिस्कवरी पुस्तकालय |पृष्ठ संख्या: 208 |

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