सदल मिश्र  

सदल मिश्र
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पूरा नाम सदल मिश्र
जन्म लगभग 1767-1768 ई.
जन्म भूमि आरा, बिहार, भारत
मृत्यु 1847-1848 ई.
मृत्यु स्थान भारत
अभिभावक नन्दमणि मिश्र
कर्म-क्षेत्र अध्यापक, गद्य लेखक
मुख्य रचनाएँ नासिकेतोपाख्यान या चन्द्रावती (1803 ई.), रामचरित (1806 ई.), फूलन्ह के बिछाने, सोनम के थम्भ, चहुँदिसि, बरते थे, बाजने लगा, काँदती है (रोने के अर्थ में), गाँछों (वृक्ष के अर्थ में)
भाषा ब्रजभाषा, पूरबी बोली, बांग्ला
अन्य जानकारी हिन्दी के पहले गद्यकार, जिनकी गद्य-शैली ही आगे चलकर हिन्दी में स्वीकृत हुई। इनके अलावा उस समय तीन और गद्यकार थे- लल्लू लालजी, इंशा अल्ला ख़ाँ और सदासुखलाल
इन्हें भी देखें कवि सूची, साहित्यकार सूची

सदल मिश्र (जन्म- 1767-1768 ई., आरा, बिहार, भारत; मृत्यु- 1847-1848 ई., भारत) हिन्दी के पहले गद्यकार, जिनकी गद्य-शैली ही आगे चलकर हिन्दी में स्वीकृत हुई।

जीवन परिचय

सदल मिश्र बिहार प्रान्त के शाहाबाद ज़िले के ध्रुवडीहा गाँव के रहने वाले शाकद्वीपीय ब्राह्मण थे। इनके पिता का नाम नन्दमणि मिश्र था। इनका जन्म अनुमानत: सन् 1767 से 1768 ई. में हुआ था। यह कलकत्ता के फ़ोर्ट विलियम कॉलेज के हिन्दुस्तानी विभाग में अध्यापक थे। सदल मिश्र सदैव अस्थायी अध्यापक के रूप में ही कार्य करते रहे, क्योंकि कॉलेज के स्थायी अध्यापकों की सूची ने इनका नाम ही नहीं मिलता।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. रोने के अर्थ में
  2. सहायक ग्रन्थ - सदल मिश्र ग्रन्थावली, बिहार राष्ट्रभाषा परिषद, पटना

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