धीरेन्द्र वर्मा  

धीरेन्द्र वर्मा
Blankimage.png
पूरा नाम धीरेन्द्र वर्मा
जन्म 17 मई, 1897
जन्म भूमि बरेली, उत्तर प्रदेश
मृत्यु 23 अप्रैल, 1973
मृत्यु स्थान प्रयाग, उत्तर प्रदेश
अभिभावक खानचंद (पिता)
कर्म-क्षेत्र कवि, लेखक, समीक्षक, प्राध्यापक
मुख्य रचनाएँ 'ब्रजभाषा व्याकरण', 'सूरसागर-सार', 'मध्यदेश', 'हिन्दी साहित्य कोश' 'यूरोप के पत्र' आदि।
भाषा हिन्दी, संस्कृत और ब्रजभाषा
विद्यालय म्योर सेंट्रल कॉलेज इलाहाबाद, पेरिस विश्वविद्यालय
शिक्षा एम.ए., डी. लिट्.
नागरिकता भारतीय
अन्य जानकारी धीरेन्द्र वर्मा ने 'सागर विश्वविद्यालय' में भाषा विज्ञान विभागाध्यक्ष रूप में काम किया और फिर 'जबलपुर विश्वविद्यालय' के कुलपति बने।
इन्हें भी देखें कवि सूची, साहित्यकार सूची

धीरेन्द्र वर्मा (अंग्रेज़ी: Dhirendra Verma, जन्म- 17 मई, 1897, उत्तर प्रदेश; मृत्यु- 23 अप्रैल, 1973, प्रयाग) हिन्दी और ब्रजभाषा के प्रसिद्ध कवि और लेखक थे। जो कार्य हिन्दी समीक्षा के क्षेत्र में आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने किया, वही कार्य हिन्दी शोध के क्षेत्र में डॉ. धीरेन्द्र वर्मा ने किया था। धीरेन्द्र वर्मा जहाँ एक तरफ़ हिन्दी विभाग के उत्कृष्ट व्यवस्थापक रहे, वहीं दूसरी ओर एक आदर्श प्राध्यापक भी थे। भारतीय भाषाओं से सम्बद्ध समस्त शोध कार्य के आधार पर उन्होंने 1933 ई. में हिन्दी भाषा का प्रथम वैज्ञानिक इतिहास लिखा था। फ्रेंच भाषा में उनका ब्रजभाषा पर शोध प्रबन्ध है, जिसका अब हिन्दी अनुवाद हो चुका है।

जन्म

धीरेन्द्र वर्मा का जन्म 17 मई, 1897 को बरेली (उत्तर प्रदेश) के भूड़ मोहल्ले में हुआ था। इनके पिता का नाम खानचंद था। खानचंद एक ज़मींदार पिता के पुत्र होते हुए भी भारतीय संस्कृति से प्रेम रखते थे। वे आर्य समाज के प्रभाव में आये थे। धीरेन्द्र वर्मा पर बचपन से ही पिता के इन गुणों का और इस वातावरण का प्रभाव पड़ चुका था।

शिक्षा

प्रारम्भ में धीरेन्द्र वर्मा का नाम सन 1908 में डी.ए.वी. कॉलेज, देहरादून में लिखाया गया, किंतु कुछ ही दिनों बाद वे अपने पिता के पास चले आये और इनका नाम क्वींस कॉलेज, लखनऊ में लिखाया गया। इसी स्कूल से सन 1914 ई. में प्रथम श्रेणी में स्कूल लीविंग सर्टीफिकेट परीक्षा पास की और हिन्दी में विशेष योग्यता प्राप्त की। तदन्तर म्योर सेंट्रल कॉलेज, इलाहाबाद में इन्होंने प्रवेश किया। सन 1921 ई. में इसी कॉलेज से इन्होंने संस्कृत से एम.ए. किया। उन्होंने पेरिस विश्वविद्यालय से डी. लिट्. की उपाधि प्राप्त की थी।

कुलपति

डॉ. वर्मा 1924 में 'इलाहाबाद विश्वविद्यालय' में हिन्दी के प्रथम अध्यापक नियुक्त हुए थे और बाद में वहीं प्रोफेसर और हिन्दी विभाग के अध्यक्ष बने। उन्होंने 'सागर विश्वविद्यालय' में भाषा विज्ञान विभागाध्यक्ष रूप में काम किया और फिर 'जबलपुर विश्वविद्यालय' के कुलपति बने।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. हिन्दी अनुशीलन, धीरेन्द्र वर्मा विशेषांक, पृष्ठ 16

संबंधित लेख

और पढ़ें

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"http://m.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=धीरेन्द्र_वर्मा&oldid=628257" से लिया गया