ठाकुर गदाधर सिंह  

ठाकुर गदाधर सिंह
ठाकुर गदाधर सिंह
पूरा नाम ठाकुर गदाधर सिंह
जन्म 1869 ई.
मृत्यु 1918
कर्म भूमि भारत
कर्म-क्षेत्र साहित्य
मुख्य रचनाएँ 'चीन में तेरह मास', 'एडवर्ड तिलक-यात्रा'
भाषा हिन्दी
प्रसिद्धि साहित्यकार
नागरिकता भारतीय
अन्य जानकारी इनका ग्रंथ 'चीन में तेरह मास' 319 पृष्ठों में है और 'काशी नागरी प्रचारिणी सभा' के आर्यभाषा पुस्तकालय में इसकी एक प्रति सुरक्षित है।
इन्हें भी देखें कवि सूची, साहित्यकार सूची

ठाकुर गदाधर सिंह (जन्म- 1869 ई., निधन- 1918 ई.) भारत के प्रमुख लेखक तथा साहित्यकारों में से एक थे। इन्होंने अपने जीवन की शुरुआत एक सफल सैनिक के रूप में की, किंतु बाद में यात्रा वृत्तांत लेखन की ओर आकृष्ट हुए। बीसवीं शताब्दी के आरंभिक दशक में ठाकुर गदाधर सिंह हिन्दी गद्य के विशिष्ट लेखकों में जाने जाते थे। इनकी हास्य व्यंग्यपूर्ण लेखन शैली पाठकों के मन को मोह लेती थी।

जीवन परिचय

ठाकुर गदाधर सिंह का जन्म सन् 1869 ई. में एक मध्यमवर्गीय राजपूत परिवार में हुआ था। आरंभ में इन्होंने एक सफल सैनिक का जीवन व्यतीत किया। बाद में यात्रा वृत्तांत लेखन की ओर प्रवृत्त हुए।[1]

विदेश यात्राएँ

सन 1900 में इन्होंने एक सैनिक अधिकारी के रूप में चीन की यात्रा की। उसी समय चीन में 'बाक्सर विद्रोह' हुआ था। ब्रिटिश सरकार ने 'बाक्सर विद्रोह' का दमन करने के लिए राजपूत सेना की एक टुकड़ी चीन भेजी थी। ठाकुर साहब उसके विशिष्ट सदस्य थे। सम्राट एडवर्ड के तिलकोत्सव के समारोह में आपको इंग्लैण्ड जाने का अवसर प्राप्त हुआ।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. 1.0 1.1 1.2 ठाकुर गदाधर सिंह (हिन्दी) भारतखोज। अभिगमन तिथि: 05 जून, 2015।

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