अरबी भाषा  

अरबी भाषा दक्षिण–मध्य (शामी) सेमिटिक भाषा है, जो उत्तरी अफ़्रीका, अधिकांश अरब प्रायद्वीप और मध्य–पूर्व के अन्य हिस्सों समेत एक व्यापक क्षेत्र में बोली जाती है। सिंध के विजेताओं की भाषा भी अरबी थी। क़ुरान जो कि इस्लाम का पवित्र धर्मग्रन्थ है उसकी भाषा भी अरबी है और यह संसार के सभी मुसलमानों की धार्मिक भाषा है। साहित्यिक अरबी या शास्त्रीय अरबी, असल में क़ुरान में पाई जाने वाली भाषा है। जिसमें समकालीन उपयोग के लिए कुछ ज़रूरी परिवर्तन किए गए हैं। यह समूचे अरब जगत् में एक जैसी है। बोलचाल की अरबी में कई बोलियाँ शामिल हैं, जिसमें से कुछ तो एक–दूसरे के लिए अबोधगम्य हैं।

इतिहास

मध्यकाल में धार्मिक अध्ययनों के लिए अरबी का व्यापक उपयोग हुआ, यहाँ तक कि 18वीं शताब्दी में भी भारत के महानतम धर्मशास्त्रियों में से एक शाह वली अल्लाह ने अपने सबसे महत्त्वपूर्ण प्रबंध अरबी में लिखे। पहले इस भाषा का उपयोग इतिहास लेखन और मध्य–पूर्व के लिए भारत की वैज्ञानिक पुस्तकों के अनुवाद हेतु होता था।

अरबी भाषा का उच्चारण

अरबी भाषा का उच्चारण अंग्रेज़ी तथा यूरोप की अन्य भाषाओं से काफ़ी भिन्न है। इसमें कई विशेष कंठ से निकली ध्वनियाँ (ग्रसनी तथा युवुला जनित) और कंठ्य व्यंजन (जिनका उच्चारण एक साथ ग्रसनी के संकुचन और जीभ के पिछले हिस्से को उठाकर होता है) हैं।

संबंधित लेख

और पढ़ें

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"http://m.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=अरबी_भाषा&oldid=597225" से लिया गया