पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी  

पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी
पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी
पूरा नाम पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी
जन्म 27 मई, 1894
जन्म भूमि राजनांदगांव, छत्तीसगढ़
मृत्यु 18 दिसंबर, 1971
मृत्यु स्थान रायपुर, छत्तीसगढ़
अभिभावक पुन्नालाल बख्शी (पिता)
पति/पत्नी लक्ष्मी देवी
कर्म भूमि भारत
कर्म-क्षेत्र साहित्य
मुख्य रचनाएँ बख्शी ग्रन्थावली
भाषा हिंदी
विद्यालय सेंट्रल हिन्दू कॉलेज, बनारस
शिक्षा बी.ए.
पुरस्कार-उपाधि डी-लिट्, साहित्य वाचस्पति, मध्य प्रदेश हिन्दी साहित्य सम्मेलन
नागरिकता भारतीय
इन्हें भी देखें कवि सूची, साहित्यकार सूची

पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी (अंग्रेज़ी: Padumlal Punnalal Bakshi, जन्म- 27 मई, 1894 - मृत्यु- 18 दिसंबर, 1971) सरस्वती के कुशल संपादक, साहित्य वाचस्पति और मास्टर जी के नाम से प्रसिद्ध हैं। वह एक प्रसिद्ध निबंधकार थे।

जीवन परिचय

पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी का जन्म 27 मई, 1894, राजनांदगांव, छत्तीसगढ़, भारत में हुआ था। इनके पिता श्री पुन्नालाल बख्शी 'खेरागढ़' के प्रतिष्ठित व्यक्ति थे। पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी चंद्रकांता संतति उपन्यास के प्रति विशेष आसक्ति के कारण स्कूल से भाग खड़े हुए तथा हेडमास्टर पंडित रविशंकर शुक्ल (मध्य प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री) द्वारा जमकर बेतों से पीटे गये। 14वीं शताब्दी में बख्शी जी के पूर्वज श्री लक्ष्मीनिधि राजा के साथ मण्डला से खैरागढ़ में आये थे और तब से यहीं बस गये। बख्शी के पूर्वज फतेह सिंह और उनके पुत्र श्रीमान राजा उमराव सिंह दोनों के शासनकाल में श्री उमराव बख्शी राजकवि थे।

शिक्षा

पदुमलाल बख्शी की प्राइमरी की शिक्षा खैरागढ़ में ही हुई । 1911 में यह मैट्रिकुलेशन की परीक्षा में बैठे । हेडमास्टर एन.ए. ग़ुलामअली के निर्देशन पर उनके नाम के साथ उनके पिता का नाम पुन्नालाल लिखा गया। तब से यह अपना पूरा नाम पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी लिखने लगे । मैट्रिकुलेशन की परीक्षा में यह अनुत्तीर्ण हो गये । उसी वर्ष 1911 में इन्होंने साहित्य जगत् में प्रवेश किया । 1912 में इन्होंने मैट्रिकुलेशन की परीक्षा पास की । उच्च शिक्षा के लिए इन्होंने बनारस के सेंट्रल हिन्दू कॉलेज में प्रवेश लिया । 1916 में ही इनकी नियुक्ति स्टेट हाई स्कूल राजनाँदगाँव में संस्कृत अध्यापक के पद पर हुई।

विवाह

सन् 1913 में लक्ष्मी देवी के साथ उनका विवाह हो गया। 1916 में उन्होंने बी.ए. की उपाधि प्राप्त की। पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी बी. ए. तक शिक्षा प्राप्त करने के साथ-साथ साहित्य सेवा के क्षेत्र में आये और सरस्वती में लिखना प्रारम्भ किया। इनका नाम द्विवेदी युग के प्रमुख साहित्यकारों में लिया जाता है।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बक्शी (हिंदी) (एच.टी.एम.एल) आरम्भ (ब्लॉग)। अभिगमन तिथि: 13 दिसम्बर, 2012।
  2. 2.0 2.1 2.2 श्रीवास्तव, डॉ. नलिनी। सम्पूर्ण बख्शी ग्रन्थावली आठ खण्डों में (हिंदी) (एच.टी.एम.एल) वाणी प्रकाशन (ब्लॉग)। अभिगमन तिथि: 13 दिसम्बर, 2012।

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