डॉ. नगेन्द्र  

डॉ. नगेन्द्र
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पूरा नाम डॉ. नगेन्द्र
जन्म 9 मार्च, 1915
जन्म भूमि अलीगढ़, उत्तर प्रदेश
मृत्यु 27 अक्टूबर, 1999
मृत्यु स्थान नई दिल्ली
कर्म भूमि भारत
कर्म-क्षेत्र लेखक, कवि, निबन्धकार, आलोचक, प्राध्यापक
मुख्य रचनाएँ 'विचार और विवेचन' (1944), 'विचार और अनुभूति' (1949), 'विचार और विश्लेषण' (1955), 'अरस्तू का काव्यशास्त्र' (1957), 'अनुसंधान और आलोचना' (1961), 'रस-सिद्धांत (1964), 'आलोचक की आस्था' (1966), 'समस्या और समाधान' (1971) आदि।
भाषा हिंदी, खड़ी बोली एवं अंग्रेज़ी
शिक्षा एम. ए. (हिंदी एवं अंग्रेज़ी), डी. लिट. (हिंदी)
पुरस्कार-उपाधि साहित्य अकादमी पुरस्कार ('रस-सिद्धांत' के लिए 1965 में)
नागरिकता भारतीय
अन्य जानकारी आधुनिक हिन्दी की आलोचना को समृद्ध करने में डॉ. नगेन्‍द्र का महत्‍वपूर्ण योगदान रहा था।
इन्हें भी देखें कवि सूची, साहित्यकार सूची

डॉ. नगेन्द्र (अंग्रेज़ी: Dr. Nagendra, जन्म- 9 मार्च, 1915, अलीगढ़, उत्तर प्रदेश; मृत्यु- 27 अक्टूबर, 1999, नई दिल्ली) भारत के प्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार थे। आधुनिक हिन्दी की आलोचना को समृद्ध करने में डॉ. नगेन्‍द्र का महत्‍वपूर्ण योगदान रहा था। वे काव्य शास्त्र के प्रकाण्ड विद्वान् माने जाते थे। उनके निबन्धों में वैचारिक औदात्य के साथ-साथ उनका व्यक्तित्व भी अभिव्यक्ति पा गया है। उनके निबन्धों में एक सहृदय तथा भावुक निबन्धकार के गुण भली-भाँति लक्षित होते हैं। इसका कारण यह है कि नगेन्द्र जी का हिन्दी साहित्य के क्षेत्र में प्रवेश एक कवि के रूप में हुआ था। उनकी प्रतिभा का विकास मूलतः आलोचनात्मक निबन्धकार के रूप में ही हुआ। हिन्दी के पांक्तेय आलोचक के रूप में नगेन्द्र विशेषतः यशस्वी रहे हैं।

परिचय

डॉ. नगेन्द्र का जन्म 9 मार्च, 1915 को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ ज़िले में अतरौली नामक कस्बे में हुआ था। अपनी शिक्षा के अंतर्गत नगेन्द्र जी ने अंग्रेज़ी और हिन्दी विषयों में एम. ए. किया था। इसके बाद उन्होंने हिन्दी में डी. लिट. की उपाधि भी प्राप्त की थी। नगेन्द्र जी 'दिल्ली विश्वविद्यालय' से प्रोफ़ेसर तथा हिन्दी विभागाध्यक्ष के पद पर से सेवानिवृत्त होने के उपरान्त स्वतन्त्र रूप से साहित्य की साधना में संलग्न हो गये थे। उन्होंने 'एमरिट्स प्रोफ़ेसर' के पद पर भी कार्य किया था। वह 'आगरा विश्वविद्यालय'[1], आगरा से "रीतिकाल के संदर्भ में देव का अध्ययन" शीर्षक शोध प्रबन्ध पर शोध उपाधि से अलंकृत हुए थे। भारत के विभिन्न विश्वविद्यालयों में डॉ. नगेन्द्र को प्राध्यापक, रीडर एवं प्रोफ़ेसर के पदों पर नियुक्ति के समय विशेषज्ञ नियुक्त किया जाता था।[2]

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. अब 'भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय'
  2. 2.0 2.1 2.2 2.3 यशस्वी शैलीकार डॉक्टर नगेन्द्र (हिन्दी)। । अभिगमन तिथि: 6 फ़रवरी, 2013।

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