जयरामदास दौलतराम  

जयरामदास दौलतराम प्रसिद्ध काँग्रेसी नेता थे, जो देश में विभिन्न महत्त्वपूर्ण पदों पर रहे। जयरामदास दौलतराम का जन्म जुलाई, 1890 ई. में कराची (अब पाकिस्तान में) के एक सम्पन्न क्षत्रिय परिवार में हुआ था। सिंध पर अंग्रेज़ों के अधिकार के पहले से ही उनके पूर्वज उच्च पदों पर रहते आए थे।

शिक्षा

जयरामदास मेधावी छात्र थे। हाईस्कूल की परीक्षा में वे पूरे सिंध प्रांत में प्रथम आए थे। बी.ए. की परीक्षा में पूरी प्रेसिडेंसी में (जिसमें सिंध भी सम्मिलित था) उन्होंने दूसरा स्थान प्राप्त किया था। मुंबई से ही जयरामदास ने क़ानून की डिग्री ली और कराची में वकालत करने लगे।

राजनीति में प्रवेश

विद्यार्थी जीवन में ही उनका संपर्क प्रसिद्ध नेताओं गोपालकृष्ण गोखले, लोकमान्य तिलक, फ़िरोजशाह मेहता और गांधी जी आदि से हो चुका था। लाला लाजपतराय से भी वे मिले। इन संपर्कों ने उन्हें राजनीतिक गतिविधियों की ओर आकृष्ट किया। 1916 में एनी बेसेंट की 'होमरूल लीग' के प्रादेशिक सचिव बनकर वे सार्वजनिक क्षेत्र में आए और वकालत पीछे छूट गई।

जेल यात्रा

1919 ई. की 'अमृतसर कांग्रेस' में उन्होंने भाग लिया और उसके बाद ही 'हिन्दुस्तान' नामक राष्ट्रीय पत्र का संपादन करने लगे। इस पत्र में देशभक्तिपूर्ण लेख प्रकाशित करने के कारण उन्हें गिरफ्तार करके दो वर्ष की सज़ा भोगनी पड़ी थी।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

लीलाधर, शर्मा भारतीय चरित कोश (हिन्दी)। भारतडिस्कवरी पुस्तकालय: शिक्षा भारती, 311-312।

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