आचार्य जुगल किशोर  

आचार्य जुगल किशोर (जन्म- 1893, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश) भारत के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, राजनीतिज्ञ और प्रसिद्ध शिक्षाविद थे। उनकी योग्यता से प्रभावित होकर ही एनी बेसेंट ने उन्हें उच्च शिक्षा के लिए वर्ष 1913 में ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी भेज दिया था। वापस आने पर इनकी भेंट राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी से हुई, जिन्होंने इन्हें 'गुजरात विद्यापीठ' में इतिहास का अध्यापक बनाकर भेजा। जुगल किशोर जी ने 'प्रेम विद्यालय', वृन्दावन (उत्तर प्रदेश) में भी अध्यापन कार्य किया था। सन 1930 में उनके एक भाषण पर ब्रिटिश सरकार ने उन्हें गिरफ्तार किया। इसके बाद आचार्य जुगल किशोर का पूरा जीवन स्वतंत्रता संग्राम में ही व्यतीत हुआ।

जन्म तथा शिक्षा

आचार्य जुगल किशोर का जन्म 1893 ई. में पचेहर ग्राम, सहारनपुर ज़िला, उत्तर प्रदेश में हुआ था। उन्होंने अपनी शिक्षा पहले कोलकाता (भूतपूर्व कलकत्ता), नैनीताल औऱ फिर सहारनपुर में प्राप्त की। इसके बाद आगे की शिक्षा के लिए भारत की धार्मिक नगरियों में से एक वाराणसी के 'सेंट्रल हिन्दू काँलेज' में भर्ती हुए।

विदेश गमन

'सेंट्रल हिन्दू काँलेज' की स्थापना से श्रीमती एनी बेसेंट का निकट का संबंध था। वे अपने कुछ प्रतिभाशाली छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए इंग्लैड भेजना चाहती थीं। जुगल किशोर की योग्यता से प्रभावित होकर एनी बीसेंट ने उन्हें 1913 ई. में ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी भेज दिया। वहाँ उन्होंने आधुनिक इतिहास में आँनर्स की डिग्री प्राप्त की। यूरोप के विभिन्न देशों की यात्रा का भी अवसर उन्हें मिला।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

बाहरी कड़ियाँ

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