लाहौर  

लाहौर क़िला

लाहौर पुराने पंजाब की राजधानी है जो रावी नदी के दाहिने तट पर बसा हुआ है। लाहौर बहुत प्राचीन नगर है। लाहौर कराची के बाद पाकिस्तान में दूसरा सबसे बड़ा आबादी वाला शहर है। इसे पाकिस्तान का दिल नाम से भी संबोधित किया जाता है क्योंकि इस शहर का पाकिस्तानी इतिहास, संस्कृति एवं शिक्षा में अत्यंत विशिष्ट योगदान रहा है। इसे अक्सर पाकिस्तान बाग़ों के शहर के रूप में भी जाना जाता है। लाहौर को संभवतः ईसवी सन् की प्रारम्भिक शताब्दियों में बसाया गया था और सातवीं शताब्दी ई. में यह इतना महत्त्वपूर्ण था कि उसका उल्लेख चीनी यात्री ह्वेन त्सांग ने किया है। शत्रुंजय के एक अभिलेख में लवपुर या लाहौर को लामपुर कहा गया है। लाहौर शहर रावी एवं वाघा नदी के तट पर भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित है।

स्थापना

हिन्दू अनुश्रुतियों के अनुसार लाहौर नगर का प्राचीन नाम लवपुर या लवपुरी था, और इसे श्रीरामचन्द्र के पुत्र लव ने बसाया था। कहा जाता है, कि लाहौर के पास स्थित कुसूर नामक नगर को लव के बड़े भाई कुश ने बसाया था। वैसे वाल्मीकि रामायण से इस लोकश्रुति की पुष्टि स्पष्ट रूप से नहीं होती, क्योंकि इस महाकाव्य में श्रीराम के द्वारा लव को उत्तर और कुश को दक्षिण कोसल का राज्य दिए जाने का उल्लेख है-[1] दक्षिण-कोसल में कुश ने कुशावती नामक नगरी बसाई थी। लव के द्वारा किसी नगरी के बसाए जाने का उल्लेख रामायण में नहीं है।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. -"कोसलेषुकुशं वीरमुत्तरेषु तथालवम्" उत्तर काण्ड

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