पंजाब  

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पंजाब
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राजधानी चंडीगढ़
राजभाषा(एँ) पंजाबी भाषा, हिन्दी भाषा
स्थापना 1 नवम्बर, 1956
जनसंख्या 2,42,89,296[1]
· घनत्व 484 /वर्ग किमी
क्षेत्रफल 50,362[2]
भौगोलिक निर्देशांक 30.73°N 76.78°E
ज़िले 22[2]
सबसे बड़ा नगर लुधियाना
बड़े नगर अमृतसर, जालंधर
लिंग अनुपात 1000:876 ♂/♀
साक्षरता 69.7%[2]%
· स्त्री 63.55%
· पुरुष 75.63%
राज्यपाल वी. पी. सिंह बदनौर[2]
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह[2]
विधानसभा सदस्य 117
लोकसभा क्षेत्र 13
बाहरी कड़ियाँ अधिकारिक वेबसाइट
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पंजाब (अंग्रेज़ी: Punjab) भारत के उत्तर पश्चिम में स्थित एक राज्य है, जिसकी सीमाएँ पश्चिम में पाकिस्तान, उत्तर में जम्मू और कश्मीर राज्य, उत्तर पूर्व में हिमाचल प्रदेश और दक्षिण में हरियाणा और राजस्थान राज्य से मिलती हैं। 'पंजाब' शब्द फारसी के 'पंज' जिसका अर्थ होता है 'पांच' और 'आब' जिसका अर्थ होता है 'पानी' के मेल से बना है जिसका शाब्दिक अर्थ 'पांच नदियों का क्षेत्र' है। इसलिए इसे पाँच नदियों की भूमि भी कहा जाता है। ये पांच नदियां हैं-

आज़ादी के बाद सन् 1947 में भारत के विभाजन के समय चिनाब और झेलम नदियां पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में चली गयीं थीं। 20 ज़िलों के इस ख़ूबसूरत राज्य में अब चार नदियाँ बहती हैं-

  • सतलुज
  • व्यास
  • रावी
  • घग्गर

भूमि उपजाऊ होने और पानी की अच्छी व्यवस्था होने के कारण एक मुहावरा प्रयोग में लाया जाता है कि यहाँ 'धरती सोना उगलती' है। पंजाब का क्षेत्रफल 50,362 वर्ग किलोमीटर है। पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ है जो संयुक्त रूप से पंजाब और हरियाणा प्रदेश की राजधानी है। पंजाब में मुख्य रूप से पंजाबी और हिन्दी भाषा बोली जाती हैं। राज्य के मुख्य नगर अमृतसर, जालंधर, लुधियाना और पटियाला हैं।

इतिहास

प्राचीन समय में पंजाब भारत और ईरान का क्षेत्र था। यहाँ मौर्य, बैक्ट्रियन, यूनानी, शक, कुषाण, गुप्त आदि अनेक शक्तियों का उत्थान और पतन हुआ। पंजाब मध्यकाल में मुस्लिम शासकों के अधीन रहा। यहाँ सबसे पहले गज़नवी, ग़ोरी, ग़ुलाम वंश, ख़िलजी वंश, तुग़लक,लोदी और मुग़ल वंश के शासकों ने यहाँ राज किया। 15वीं और 16वीं शती में गुरु नानकदेव जी की शिक्षाओं से भक्ति आंदोलन ने ज़ोर पकड़ा। सिख पंथ ने एक धार्मिक और सामाजिक आंदोलन को जन्म दिया, मूल रूप से जिसका उद्देश्य सामाजिक और धार्मिक कुरीतियों को दूर करना था। दसवें गुरु गोविंद सिंह जी ने सिखों को 'खालसा पंथ' के रूप में संगठित किया। मुग़लों के दमन और अत्याचार के ख़िलाफ़ सिक्खों को एकत्र करके 'पंजाबी राज' की स्थापना की। पंजाब में ही बनवारीदास ने उत्तराडी साधुओं की मंडली बनाई थी। एक फ़ारसी लेखक ने लिखा है कि 'महाराजा रणजीत सिंह ने पंजाब को 'मदम कदा'('बाग़-ए-बहिश्त')' अर्थात् स्वर्ग में बदल दिया था। उनके देहांत के बाद अंग्रेज़ों की साज़िशों से यह साम्राज्य समाप्त हो गया। 1849 में दो युद्धों के बाद पंजाब ब्रिटिश साम्राज्य में आ गया था।

गांधी जी के स्वतंत्रता आन्दोलन से पहले ही ब्रिटिश शासन के ख़िलाफ़ पंजाब में संघर्ष प्रारम्भ हो गया था। स्वतंत्रता संग्राम में लाला लाजपतराय ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभायी। स्वतंत्रता संग्राम में पंजाब के नागरिकों ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया। देश हो या विदेश, पंजाब बलिदान में सबसे आगे रहा। विभाजन का कष्ट भी उठाना पड़ा जिसके कारण बड़े पैमाने पर रक्तपात और विस्थापन का दंश उठाया और पुनर्वास के साथ साथ राज्य के नये सिरे से संगठित करने की चुनौती का बख़ूबी सामना किया। पूर्वी पंजाब की आठ रियासतों को मिलाकर नया राज्य 'पेप्सू' बनाया गया और 'पूर्वी पंजाब राज्य संघ, पटियाला' का निर्माण करके पटियाला को इसकी राजधानी बनाया गया। 1956 में 'पेप्सू' को पंजाब में मिला दिया गया। 1966 में पंजाब के कुछ भाग से 'हरियाणा' राज्य का निर्माण किया गया।

भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन में योगदान

भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन में पंजाब के अनेक स्वतंत्रता सेनानियों ने योगदान दिया है जिसमें से प्रमुख हैं- करतार सिंह सराभा, ऊधम सिंह, भगतसिंह, सुखदेव, लाला लाजपत राय, राजकुमारी अमृत कौर, प्रताप सिंह कैरों, सोहन सिंह भकना, इन्द्र विद्यावाचस्पति, जगतराम, भाई परमानन्द, गुरुबख्श ढिल्लो, मदन लाल ढींगरा, गुरदयाल सिंह ढिल्‍लों, पंडित कांशीराम, राम सिंह, गोकुलचन्द नारंग, हरि किशन सरहदी, बलवंत सिंह आदि।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. 2001 की जनगणना के अनुसार
  2. 2.0 2.1 2.2 2.3 2.4 State Profile (अंग्रेज़ी) (एच.टी.एम.एल) पंजाब की आधिकारिक वेबसाइट। अभिगमन तिथि: 14 मई, 2012।

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