आरट्ठ  

आरट्ठ हिमालय के बाहर उस प्रदेश का नाम है, जहाँ पाँच नदियाँ बहती हैं। ये नदियाँ हैं- शतद्रु, विपाशा, इरावती, चन्द्रभागा, और वितस्ता। छठी नदी सिंधु भी यहाँ बहती है। यहाँ पर पीलू वृक्षों के सघन वन हैं।

'पंचनद्यो वहन्त्यैता यत्र पीलुवनान्युत,
शतद्रुश्च विपाशा च तृतीयैरावती तथा।
चन्द्रभागा वितस्ता च सिंध षष्ठा बहिर्गिरै:,
आरट्ठा नाम ते देशा नष्टधर्मा न तानू ब्रजेत'[1]

हिमालय की सीमा के बाहर यह प्रदेश 'आरट्ठ' नाम से विख्यात हैं। इन धर्मरहित प्रदेशों में कभी न जाए। इसी के आगे फिर कहा गया है-

'पंचनद्यो वहन्येता यत्र नि:सृत्य पर्वतात् आरट्ठा नाम वाहीका न तेष्वार्यो द्वयहं वसेत्'[2]

अर्थात् जहाँ पर्वत से निकल कर पाँच नदियाँ बहती हैं, वह आरट्ठ नाम से प्रसिद्ध वाहीक प्रदेश है। उनमें श्रेष्ठ पुरुष दो दिन भी निवास न करे।

प्राचीनता

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  • ऐतिहासिक स्थानावली | पृष्ठ संख्या= 68-69| विजयेन्द्र कुमार माथुर | वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग | मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार
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