गुरदासपुर  

डेरा बाबा नानक, गुरदासपुर

गुरदासपुर नगर पश्चिमोत्तर पंजाब, भारत-पाकिस्तान की सीमा पर अमृतसर-पठानकोट, जम्मू राजमार्ग पर स्थित है तथा मुख्यत: एक प्रशासनिय केंद्र है। पहाड़ों की तराई इलाके तक विस्तृत पूर्वोत्तर भाग को छोड़कर यह ज़िला जलोढ़ मैदान का हिस्सा है।

इतिहास

गुरदासपुर के क़िले में रहते हुए सिक्खों के वीर नेता बंदा बैरागी ने मुग़ल बादशाह फ़र्रुख़सियर की सेनाओं का डटकर सामना किया था। फ़र्रुख़सियर ने बंदा को दबाने के लिए कश्मीर से तूरमानी सूबेदार अब्दुलसमद को भेजा था, जिसने गुरदासपुर के क़िले को नौ मास तक घेर कर रखा। बंदा और उसके वीर साथी क़िले के भीतर से मुग़लों का मुकाबला करते रहे, किंतु रसद समाप्त हो जाने के कारण उन्हें झुक जाने के लिए विवश होना पड़ा। अंत में उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया। बंदा बैरागी को पकड़ कर दिल्ली ले जाया गया, जहाँ इस वीर का पैशाचिक क्रूरता के साथ वध कर दिया गया।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

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