महाराष्ट्र  

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महाराष्ट्र
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राजधानी मुंबई
राजभाषा(एँ) मराठी, हिन्दी, अंग्रेज़ी
स्थापना 1 मई, 1960
जनसंख्या 9,68,79,000[1]
· घनत्व 315[1] /वर्ग किमी
क्षेत्रफल 308,000[1] वर्ग किमी
भौगोलिक निर्देशांक 18°58'30" उत्तर 72°49'33" पूर्व
ज़िले 36[1]
महानगर मुंबई
बड़े नगर मुंबई, पुणे, नागपुर, औरंगाबाद, कोल्हापुर, नासिक, अमरावती, सांगली, नांदेड
मुख्य ऐतिहासिक स्थल गेटवे ऑफ़ इन्डिया, अजंता-एलोरा केव्स, सिंहगढ़ दुर्ग
मुख्य पर्यटन स्थल गेटवे ऑफ़ इन्डिया, अजंता-एलोरा केव्स, मुंबई चौपाटी
लिंग अनुपात 1000:922[1] ♂/♀
साक्षरता 76.9[1]%
राज्यपाल सी. विद्यासागर राव[1]
मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस[1]
विधानसभा सदस्य 288
लोकसभा क्षेत्र 48
बाहरी कड़ियाँ अधिकारिक वेबसाइट
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महाराष्ट्र (अंग्रेज़ी:Maharashtra) भारतीय राज्य, प्रायद्वीपीय भारत के पश्चिमी हिस्से में स्थित है। महाराष्ट्र गुजरात, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और गोवा राज्यों से घिरा हुआ है और इसके पश्चिम में अरब सागर है।

इतिहास

प्राचीन 16 महाजनपदों में अश्मक या अस्सक का स्थान आधुनिक अहमदनगर के आसपास का माना जाता है। सम्राट अशोक के शिलालेख भी मुंबई के निकट पाए गए हैं। महाराष्ट्र के पहले प्रसिद्ध शासक सातवाहन (ई.पू. 230 से 225 ई.) थे जो महाराष्ट्र राज्य के संस्‍थापक थे। उन्‍होंने अपने पीछे बहुत से साहित्यिक, कलात्‍मक तथा पुरातात्विक प्रमाण छोड़े हैं। उनके शासनकाल में मानव जीवन के हर क्षेत्र में भरपूर प्रगति हुई।

अजंता की गुफ़ाओं का विश्व प्रसिद्ध भित्ति चित्र

इसके बाद वाकाटक आए, जिन्‍होंने भारतीय साम्राज्‍य की स्‍थापना की। उनके शासनकाल में महाराष्ट्र में शिक्षा, कला तथा धर्म सभी दिशाओं में अत्यधिक विकास हुआ। उनके शासन के दौरान ही 'अजंता की गुफाओं' में उच्‍च कोटि के भित्तिचित्र बनाए गए। वाकाटकों के बाद कुछ समय के लिए 'कलचुरी वंश' ने शासन किया और फिर 'चालुक्य' सत्‍ता में आए। इसके बाद तटवर्ती इलाकों में 'शिलाहारों' के अलावा महाराष्ट्र पर 'राष्ट्रकूट' तथा 'यादव' शासकों का नियंत्रण रहा। यादवों ने मराठी को शासन की भाषा बनाया और दक्षिण के एक बड़े भाग पर अपना आधिपत्‍य स्थापित किया।

अलाउद्दीन ख़िलजी पहला मुस्लिम शासक था जिसने अपना राज्य दक्षिण में मदुरै तक फैला लिया था। उसके बाद मुहम्मद बिन तुग़लक़ (1325) ने अपनी राजधानी दिल्ली से हटाकर दौलताबाद कर ली। यह स्थान पहले देवगिरि नाम से प्रसिद्ध था और अहमदनगर के पास है। बहमनी शासकों ने महाराष्ट्र तथा इसकी संस्‍कृति को समन्वित किया, पर शिवाजी के कुशल नेतृत्‍व में महाराष्ट्र का सर्वांगीण विकास हुआ और यह एक अलग पहचान के साथ उभरकर सामने आया। शिवाजी ने स्‍वराज तथा राष्‍ट्रीयता की एक नई भावना पैदा की। उनकी प्रचंड शाक्ति ने मुग़लों को भारत के इस भाग में आगे नहीं बढ़ने दिया। पेशवाओं ने दक्षिण के पठार से लेकर पंजाब पर हमला बोल कर मराठाओं का आधिपत्‍य स्‍थापित किया।

बहमनी सल्तनत के टूटने पर यह प्रदेश गोलकुण्डा के शासन में आया और उसके बाद औरंगजेब का संक्षिप्त शासन रहा। इसके बाद मराठों की शक्ति में उत्तरोत्तर वृद्धि हुई और अठारहवीं सदी के अन्त तक मराठा पूरे महाराष्ट्र में फैल गये थे और उनका साम्राज्य दक्षिण में कर्नाटक के दक्षिणी सिरे तक हो गया था। 1820 तक आते आते अंग्रेज़ों ने पेशवाओं को हरा दिया था और यह प्रदेश भी अंग्रेज़ी साम्राज्य का अंग बन गया।

स्‍वतंत्रता संग्राम में महाराष्ट्र सबसे आगे था। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का जन्‍म भी यहीं हुआ। मुंबई तथा महाराष्ट्र के अन्‍य शहरों के अनगिनत नेताओं ने पहले तिलक और बाद में महात्मा गाँधी के मार्गदर्शन में कांग्रेस के आंदोलन को आगे बढाया। गांधी जी ने भी अपने आंदोलन का केंद्र महाराष्ट्र को बनाया था और गांधी युग में राष्‍ट्रवादी देश की राजधानी सेवाग्राम थी।

स्थापना

महाराष्ट्र और गुजरात का स्थापना दिवस 1 मई को मनाया जाता है कभी ये दोनों राज्य मुंबई का हिस्सा थे। जब मुंबई राज्य से महाराष्ट्र और गुजरात के गठन का प्रस्ताव आया तो तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने मुंबई को अलग केन्द्रशासित प्रदेश बनाने की वकालत की। उनका तर्क था कि अगर मुंबई को देश की आर्थिक राजधानी बने रहना है तो यह करना आवश्यक है। किंतु पंडित नेहरू की नहीं चली। देश के पहले वित्तमंत्री और वित्त विशेषज्ञ चिंतामणि देशमुख ने इसका प्रखर विरोध किया और इसी मुद्दे पर केन्द्रीय मंत्रिमण्डल से इस्तीफा दे दिया। देश की आज़ादी के बाद मध्य भारत के सभी मराठी भाषा के स्थानों का समीकरण करके एक राज्य बनाने को लेकर बड़ा आंदोलन चला और 1 मई, 1960 को कोंकण, मराठवाडा, पश्चिमी महाराष्ट्र, दक्षिण महाराष्ट्र, उत्तर महाराष्ट्र (खानदेश) तथा विदर्भ, सभी संभागों को जोड़ कर महाराष्ट्र राज्य की स्थापना की गई।

महाराष्ट्र राज्य का गठन

देश के राज्‍यों के भाषायी पुनर्गठन के फलस्‍वरूप 1 मई, 1960 को महाराष्ट्र राज्‍य का प्रशासनिक प्रादुर्भाव हुआ। यह राज्‍य आसपास के मराठी भाषी क्षेत्रों को मिलाकर बनाया गया, जो पहले चार अलग अलग प्रशासनों के नियंत्रण में था। इनमें मूल ब्रिटिश मुंबई प्रांत में शामिल दमन तथा गोवा के बीच का ज़िला, हैदराबाद के निज़ाम की रियासत के पांच ज़िले, मध्‍य प्रांत (मध्य प्रदेश) के दक्षिण के आठ ज़िले तथा आसपास की ऐसी अनेक छोटी-छोटी रियासतें शामिल थी, जो समीपवर्ती ज़िलों में मिल गई थी।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. 1.0 1.1 1.2 1.3 1.4 1.5 1.6 1.7 MAHARASHTRA AT A GLANCE (अंग्रेज़ी) (एच.टी.एम.एल) महाराष्ट्र की आधिकारिक वेबसाइट। अभिगमन तिथि: 3 जून, 2011।

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