सुहासिनी गांगुली  

सुहासिनी गांगुली
सुहासिनी गांगुली
पूरा नाम सुहासिनी गांगुली
अन्य नाम सुहासिनी दीदी
जन्म 3 फ़रवरी, 1909
जन्म भूमि खुलना, बंगाल
मृत्यु 23 मार्च, 1965
अभिभावक पिता- अविनाश चन्द्र गांगुली, माता- सरलासुन्दरी देवी
नागरिकता भारतीय
प्रसिद्धि स्वतंत्रता सेनानी
जेल यात्रा हिजली जेल में 1930 से 1938 तक रहीं।
अन्य जानकारी सन 1942 के आन्दोलन में भी सुहासिनी गांगुली ने भाग लिया और फिर जेल गईं। इसके बाद 1945 में छूटीं।

सुहासिनी गांगुली (अंग्रेज़ी: Suhasini Ganguly, जन्म- 3 फ़रवरी, 1909; मृत्यु- 23 मार्च, 1965) भारतीय स्वतंत्रता सेनानी थीं। भारतवर्ष की आज़ादी उनके जीवन का सबसे बड़ा सपना था, जिसको पूरा करने में उन्होंने अपना पूरा जीवन लगा दिया। उनके इस त्यागमय जीवन और साहसिक कार्य को सम्मान देने के लिए कोलकाता की एक सड़क का नाम 'सुहासिनी गांगुली सरनी' रखा गया है। रचना भोला यामिनी ने अपनी पुस्तक 'स्वतंत्रता संग्राम की क्रांतिकारी महिलाएँ' में उनके जीवन चरित्र का वर्णन किया है।

परिचय

सुहासिनी गांगुली का जन्म 3 फ़रवरी सन 1909 में खुलना, बंगाल में हुआ था। उनका पैत्रिक घर ढाका, ज़िला विक्रमपुर के बाघिया नामक गाँव में था। पिता अविनाश चन्द्र गांगुली और माता सरलासुन्दरी देवी की बेटी सुहासिनी 1924 में ढाका ईडन हाईस्कूल से मैट्रिक पास करके ईडन कालेज से स्नातक बनीं। एक तैराकी स्कूल में वे कल्याणी दास और कमला दासगुप्ता के सम्पर्क में आईं और क्रांतिकारी दल का साथ देने के लिए प्रशिक्षण लेने लगीं। 1929 में विप्लवी दल के नेता रसिक लाल दास से परिचय होने के बाद तो वह पूरी तरह से दल में सक्रिय हो गईं। हेमन्त तरफदार ने भी उन्हें इस ओर प्रोत्साहित किया।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

संबंधित लेख

और पढ़ें
"http://m.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=सुहासिनी_गांगुली&oldid=635167" से लिया गया