गणेश घोष  

गणेश घोष
गणेश घोष
पूरा नाम गणेश घोष
जन्म 1900
जन्म भूमि जैसोर, बंगाल
मृत्यु 16 अक्टूबर, 1994
मृत्यु स्थान कोलकाता
नागरिकता भारतीय
प्रसिद्धि स्वतंत्रता सेनानी
आंदोलन स्वतंत्रता के बाद भी गणेश घोष ने अनेक आंदोलनों में भाग लिया और अपने जीवन के लगभग 27 वर्ष जेलों में बिताए।
संबंधित लेख सूर्य सेन
अन्य जानकारी 1964 में जब कम्युनिस्ट पार्टी का विभाजन हुआ तो वे मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी में सम्मिलित हो गए।

गणेश घोष (अंग्रेज़ी: Ganesh Ghosh, जन्म- 22 जून, 1900, बंगाल; मृत्यु- 16 अक्टूबर, 1994, कोलकाता) बंगाली भारतीय स्वतंत्रता सेनानी, क्रांतिकारी और राजनीतिज्ञ थे। 'मानिकतल्ला बम कांड' के सिलसिले में इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। 1928 में वे जेल से बाहर निकले और कांग्रेस के कोलकाता अधिवेशन में भाग लिया। सन 1946 में गणेश घोष कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य बन गए थे। वे 1952 में बंगाल विधान सभा के और 1967 में लोकसभा के सदस्य चुने गए।

परिचय

गणेश घोष का जन्म 22 जून, सन 1900 ई. में ब्रिटिशकालीन भारत में बंगाल में हुआ था। विद्यार्थी जीवन में ही वे स्वतंत्रता संग्राम में सम्मिलित हो गए थे। 1922 की गया कांग्रेस में जब बहिष्कार का प्रस्ताव स्वीकार हो गया तो गणेश घोष और उनके साथी अनंत सिंह ने नगर का सबसे बड़ा विद्यालय बंद करा दिया था। इन दोनों युवकों ने चिटगाँव की सबसे बड़ी मज़दूर हड़ताल की भी अगुवाई की।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. भारतीय चरित कोश |लेखक: लीलाधर शर्मा 'पर्वतीय' |प्रकाशक: शिक्षा भारती, मदरसा रोड, कश्मीरी, दिल्ली |संकलन: भारत डिस्कवरी |पृष्ठ संख्या: 216 |

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