चिदंबरम पिल्लई  

चिदंबरम पिल्लई
Chidambaram Pillai.jpg
पूरा नाम चिदंबरम पिल्लई
जन्म 5 सितंबर, 1872
जन्म भूमि तिरुनेल्वेली, तमिलनाडु
मृत्यु 3 नवंबर, 1936
नागरिकता भारतीय
प्रसिद्धि तमिल विद्वान् और समाज-सुधारक
विशेष योगदान 'बंग-भंग' के विरुद्ध आंदोलन में चिदंबरम पिल्लई ने स्वदेशी का प्रचार-प्रसार किया और लोगों को विदेशी सरकार के विरुद्ध प्रेरित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।

चिदंबरम पिल्लई (अंग्रेज़ी: Chidambaram Pillai, जन्म: 5 सितंबर, 1872; मृत्यु: 3 नवंबर, 1936) तमिल भाषा के विद्वान् और प्रख्यात समाज-सुधारक थे। प्रसिद्ध तमिल ग्रन्थ 'तिरुकुरल' पर उनका भाष्य बहुत प्रसिद्ध हुआ था। 'बंग-भंग' के विरुद्ध आंदोलन में चिदंबरम पिल्लई ने स्वदेशी का प्रचार-प्रसार किया और लोगों को विदेशी सरकार के विरुद्ध प्रेरित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। ब्रिटिश सरकार ने चिदंबरम पिल्लई को देशद्रोही ठहराकर उन्हें आजीवन क़ैद की सज़ा सुनाई थी।

जन्म एवं शिक्षा

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. भारतीय चरित कोश |लेखक: लीलाधर शर्मा 'पर्वतीय' |प्रकाशक: शिक्षा भारती, मदरसा रोड, कश्मीरी गेट, दिल्ली |पृष्ठ संख्या: 280 |

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