गोपबन्धु चौधरी  

गोपबन्धु चौधरी
गोपबन्धु चौधरी
पूरा नाम गोपबन्धु चौधरी
जन्म 8 मई, 1895
जन्म भूमि कटक, उड़ीसा
मृत्यु 29 अप्रैल, 1958
नागरिकता भारतीय
प्रसिद्धि स्वतंत्रता सेनानी
धर्म हिन्दू
जेल यात्रा गोपबन्धु चौधरी को 'नमक सत्याग्रह' के दौरान 1930 में और फिर 'भारत छोड़ो आन्दोलन' के समय 1942 में गिरफ़्तार किया गया था।
विद्यालय प्रेसीडेंसी कॉलेज, कोलकाता
शिक्षा एम.ए.
विशेष योगदान 1950 में इन्होंने 'सर्वोदय सम्मेलन' का आयोजन किया था और विनोबा भावे के 'भूदान आंदोलन' में भी सक्रिय रहे।
संबंधित लेख महात्मा गाँधी, विनोबा भावे, भूदान आन्दोलन, गाँधी युग
अन्य जानकारी गोपबन्धु चौधरी 'गांधी सेवा संघ' के सक्रिय सदस्य थे। 1938 में उन्हें 'उत्कल प्रदेश कांग्रेस कमेटी' का अध्यक्ष चुना गया था।

गोपबन्धु चौधरी (अंग्रेज़ी: Gopabandhu Choudhury, जन्म- 8 मई, 1895, कटक, उड़ीसा; मृत्यु- 29 अप्रैल, 1958) को उड़ीसा के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानियों में गिना जाता है। भारत की तत्कालीन अंग्रेज़ सरकार ने इन्हें उड़ीसा में अकाल पड़ने के समय सहायता अधिकारी नियुक्त किया था। जब गाँधीजी ने 'असहयोग आन्दोलन' प्रारम्भ किया, तब गोपबन्धु चौधरी ने नौकरी से त्यागपत्र दे दिया और आन्दोलन में सम्मिलित हो गए। इन्होंने विनोबा भावे के प्रसिद्ध 'भूदान आन्दोलन' में भी सक्रिय भूमिका निभाई थी।[1]

जन्म तथा शिक्षा

उड़ीसा के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी और रचनात्मक कार्यकर्ता गोपबंधु चौधरी का जन्म 8 मई, 1895 ई. को उड़ीसा के कटक में हुआ था। उन्होंने 1914 में कोलकाता (भूतपूर्व कलकत्ता) के 'प्रेसीडेंसी कॉलेज' से गणित में एम.ए. की परीक्षा पास की थी। गोपबन्धु चौधरी अपनी आगे की शिक्षा जारी रखने के लिये इंग्लैण्ड जाना चाहते थे, किन्तु प्रथम विश्वयुद्ध आरंभ हो जाने और पिता की मृत्यु हो जाने के कारण वे नहीं जा सके।

नौकरी से त्यागपत्र

वर्ष 1919 में उड़ीसा के कुछ भागों में बाढ़ ने बढ़ी तबाही मचाई और इसके बाद वहाँ पड़े भीषण अकाल ने लोगों की कमर तोड़ दी। ऐसे समय में गोपबंधु चौधरी को अंग्रेज़ सरकार ने सहायता अधिकारी नियुक्त किया। लेकिन अंग्रेज़ों के ग़ैर ज़िम्मेदार उच्च अधिकारी काम के प्रति लापरवाह थे और किसी समस्या को कोई महत्व नहीं देते थे। गोपबंधु चौधरी ने उनकी तीव्र आलोचना की। 1921 में महात्मा गाँधी ने 'असहयोग आन्दोलन' प्रारम्भ किया। इस आन्दोलन में सम्म्लित होने के लिये गोपबन्धु चौधरी ने नौकरी से त्यागपत्र दे दिया।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. 1.0 1.1 भारतीय चरित कोश |लेखक: लीलाधर शर्मा 'पर्वतीय' |प्रकाशक: शिक्षा भारती, मदरसा रोड, कश्मीरी गेट, दिल्ली |पृष्ठ संख्या: 244 |

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