भूकंप  

(भूकम्प से पुनर्निर्देशित)


भूकंप
भूकंप से टूटे रास्ते
विवरण पृथ्वी की बाह्य परत में अचानक हलचल से उत्पन्न ऊर्जा के परिणाम स्वरूप को भूकंप कहते हैं।
मापन यंत्र सीस्मोमीटर या सीस्मोग्राफ
ईकाई रियेक्टर
भूकंप का कारण भूकंप प्राकृतिक घटना या मानवजनित कारणों से हो सकता है। अक्सर भूकंप भूगर्भीय दोषों के कारण आते हैं। भारी मात्रा में गैस प्रवास, पृथ्वी के भीतर मुख्यतः गहरी मीथेन, ज्वालामुखी, भूस्खलन और नाभिकीय परीक्षण ऐसे मुख्य दोष हैं।
भूकंप के प्रभाव भूकंप के मुख्य प्रभावों में झटके और भूमि का फटना शामिल हैं, जिससे इमारतों व अन्य कठोर संरचनाओं (जैसे कि बांध, पुल, नाभिकीय उर्जा केंद्र इत्यादि) को नुकसान पहुँचता है।
अन्य जानकारी वैज्ञानिकों का कहना है कि भारत और तिब्बत एक-दूसरे की तरफ़ प्रति वर्ष दो सेंटीमीटर की गति से सरक रहे हैं। इस प्रक्रिया से हिमालय क्षेत्र पर दबाव बढ़ रहा है। यही वजह है कि पिछले 200 वर्षों में हिमालय क्षेत्र में छह बड़े भूकंप आ चुके हैं।

भूकंप (अंग्रेज़ी:Earthquake) पृथ्वी की बाह्य परत में अचानक हलचल से उत्पन्न ऊर्जा के परिणाम स्वरूप को कहते हैं। यह उर्जा पृथ्वी की सतह पर, भूकंपी तरंगें उत्पन्न करता है, जो भूमि को हिलाकर या विस्थापित करके प्रकट होता है। भूगर्भ में भूकंप के उत्पन्न होने का प्रारंभिक बिन्दु को केन्द्र या हाईपो सेंटर कहा जाता है। हाईपो सेंटर के ठीक ऊपर ज़मीन के सतह पर जो बिंदु है उसे अधिकेन्द्र कहा जाता है। भूकंपी तरंगें मूलतः तीन प्रकार के होते हैं।

  1. प्राइमरी तरंग (P wave)
  2. सेकंडरी तरंग (S wave)
  3. सतही तरंगें (surface waves)।

इनमें से सबसे खतरनाक और क्षतिकारक सतही तरंगें ही होते हैं।

भूकंप की उत्पत्ति

भूकंप की उत्पत्ति के बारे में समझने के लिए ज़रूरी है पृथ्वी के अंदरूनी संरचना के बारे में समझना। धरती की ऊपरी परत फ़ुटबॉल की परतों की तरह आपस में जुड़ी हुई है या कहें कि एक अंडे की तरह से है जिसमें दरारें हों। उपरी सतह से लेकर अन्तर्भाग तक, पृथ्वी, कई परतों में बनी हुई है। पृथ्वी की बाहरी सतह कई कठोर खंडों या विवर्तनिक प्लेट में विभाजित है जो क्रमशः कई लाख सालों की अवधी में पूरे सतह से विस्थापित होती है। पृथ्वी का आतंरिक सतह एक अपेक्षाकृत ठोस भूपटल की मोटी परत से बनी हुई है और सबसे अन्दर होता है एक कोर, जो एक तरल बाहरी कोर और एक ठोस लोहा का आतंरिक कोर से बनी हुई है। बाहरी सतह के जो विवर्तनिक प्लेट हैं वो बहुत धीरे धीरे गतिमान हैं। यह प्लेट आपस में टकराते भी हैं और एक दुसरे से अलग भी होते हैं। ऐसी स्थिति में घर्षण के कारण भूखंड या पत्थरों में अचानक दरारें फुट सकती हैं। इस अचानक तेज हलचल के कारण जो शक्ति उत्सर्जित होती है, वही भूकंप के रूप में तबाही मचाती है।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. 6.4 तीव्रता के भूकंप से हिले भारत, पाकिस्‍तान, बांग्‍लादेश, नेपाल (हिन्दी) दैनिक भास्कर। अभिगमन तिथि: 25 अप्रैल, 2015।
  2. भूकंप (हिंदी) इंडिया वाटर पोर्टल हिंदी। अभिगमन तिथि: 5 जुलाई, 2013।
  3. भूकम्‍प (हिंदी) get ready get thru। अभिगमन तिथि: 5 जुलाई, 2013।

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