किरगीज़ गणतंत्र  

किरगीज़ गणतंत्र मध्य एशिया में स्थित सोवियत गणतंत्र का एक राज्य है। इस गणतंत्र की अधिकांश भूमि उच्च पर्वतीय तथा पठारी है। क्षेत्र के उत्तरी तथा पश्चिमी भागों में अधिक वर्षा होती है। शेष भाग अपेक्षाकृत शुष्क है। किरगीज़ की कुल उपयोगी भूमि के लगभग 90 प्रतिशत में चरागाह तथा घास प्राप्त होने के कारण भेड़ एवं पशुपालन उद्योग अत्यधिक विकसित प्रमुख धंधे हैं। इसके अतिरिक्त यहाँ कई प्रकार के खनिज भी पाए जाते हैं, जो अर्थव्यवस्था में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

भौगोलिक स्थिति

किरगीज़ गणतंत्र का क्षेत्रफल 1,98,500 किलोमीटर (7,60,460 वर्ग मील) है। अधिकांश भूमि उच्च पर्वतीय तथा पठारी है। तियेनशान उच्च पर्वत श्रेणी पूर्व से पश्चिम में फैली हुई है। खानतेंग्री तथा माउंट बिक्टरी पर्वत शिखर क्रमश: 6,995 तथा 7,439 मीटर ऊँचे हैं। इस क्षेत्र में हिमानियों की ऊँचाई समुद्र के तल से प्राय: 1200 फुट ऊपर है। इस क्षेत्र के उत्तरी तथा पश्चिमी भागों में अधिक वर्षा होती है। शेष भाग अपेक्षाकृत शुष्क है। प्राकृतिक वनस्पतियों के रूप में ऊँचे पर्वतों पर प्राप्य अल्पाइन तथा उप-अल्पाइन क्षेत्रों के घास वाले चरागाह हैं। वन तथा वन्य पशु अत्यंत विरल हैं।[1]

जलवायु

क्षेत्रफल में छोटा होने पर भी यहाँ विभिन्न प्रकार की जलवायु पाई जाती है, जैसे- मरुभूमि एवं उपोष्ण कटिबंधीय। स्टेपी और घने वनयुक्त जलवायु तथा टुंड्रा एवं ध्रुव प्रदेशीय हिमानी युक्त जलवायु। अत: सोवियत संघ की हर प्रकार की जलवायु इस क्षेत्र में उपलब्ध हैं।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. 1.0 1.1 किरगीज़ गणतंत्र (हिन्दी)। । अभिगमन तिथि: 2014, ।
  2. Armine

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