कोपनहेगन  

कोपनहेगन (अंग्रेज़ी: Copenhagen) डेनमार्क की राजधानी और वहाँ का सबसे बड़ा नगर है। यह जीलण्ड और अमागर नामक द्वीपों पर बसा हुआ है। कोपनहेगन को बारम्बार एक ऐसे नगर के रूप में पहचान मिली है, जहाँ का जीवन स्तर विश्व में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। यह दुनिया के सबसे पर्यावरण-अनुकूल नगरों में से एक है।

इतिहास

कोपनहेगन की स्थापना 1000 ई. में स्वेन फोर्कबीयर्ड प्रथम द्वारा की गई थी। 12वीं सदी के मध्य तक यह एक मत्स्योत्पादक ग्राम था, जिसे 'ह्वान' कहा जाता था। जब यह 1167 ई. में अब्सालोन नामक बिशप के अधिकार में आया, तब इसे और अधिक महत्व प्राप्त हुआ। उत्कृष्ट बंदरगाह नगर की वृद्धि प्रबलित करने लगा और यह नगर वाणिज्य का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गया। इस प्रकार इसका नाम कोपनहेगन पड़ा, जिसका डैनिश भाषा में अर्थ है- "बन्दरगाह के व्यापारी"। वर्ष 1254 ई. में कोपनहेगन ने नगर का रूप उस समय धारण किया, जब राजा क्रिस्टोफर तृतीय ने इसे अपनी राजधानीं बनाया। तब से इसकी वास्तविक उन्नति हुई। 1700 ई. में डच, स्वीडन तथा अंग्रेज़ों की बमवर्षा से 1728 एवं 1795 में अग्नि से तथा 1807 में अंग्रेज़ों की पुन: बमवर्षा से यह नगर अत्यंत क्षतिग्रस्त हो गया। इसकी व्यापारिक उन्नति ने, जो 19वीं शताब्दी के मध्य में मंद पड़ गई थी, 1894 ई. में करमुक्त बंदरगाह के निर्माण से पुनर्जीवन प्राप्त किया।

इस क्षेत्र के प्रथम लिखित दस्तावेज 11वीं सदी के हैं और कोपनहेगन 15वीं सदी के आरम्भ में और क्रिस्चियन चतुर्थ के शासनकाल में डेनमार्क की राजधानी बना। वर्ष 2000 में ओरेसण्ड सेतु के पूरा होने के साथ ही कोपनहेगन ओरेसण्ड क्षेत्र का केन्द्र बन गया। इस क्षेत्र में कोपनहेगन और स्वीडन का माल्मो नगर मिलकर एक आम महानगरीय क्षेत्र बनने की प्रकिया में है।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

बाहरी कड़ियाँ

संबंधित लेख

और पढ़ें

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"http://m.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=कोपनहेगन&oldid=604715" से लिया गया