क़ुवैत  

क़ुवैत अरब के उत्तरी-पश्चिमी किनारे पर ईराक और सऊदी अरब के बीच के रेगिस्तानी प्रदेश के सिरे पर स्थित 1950 वर्गमील का छोटा, किंतु अत्यंत महत्व का अरब राज्य है। 1938 ई. के पूर्व इसका कोई राजनीतिक अथवा आर्थिक महत्व नहीं था। किंतु अब तेल के उद्योग के कारण विश्व के आर्थिक जगत् में क़ुवैत का एक विशिष्ट और महत्वपूर्ण स्थान है।

स्थिति तथा इतिहास

क़ुवैत 290.20’ उत्तर; 400.00’ पूर्व में स्थित है। इसका नाम 'कुत' शब्द से बना है, जिसका अर्थ होता है- 'क़िला'। इसे 'क़ुरैन' भी कहते हैं। इसकी स्थापना शेख़ सबा प्रथम ने 1756 ई. में की थी। 1898 में तुर्की ने इस पर अधिकार करने का प्रयास किया था। फलस्वरूप 1899 ई. में शेख़ मुबारक ने अंग्रेज़ों से एक संधि करके सुरक्षा संरक्षण प्राप्त किया। 1914 ई. में अंग्रेज़ों ने अपने संरक्षण के अंतर्गत इसकी स्वतंत्र सत्ता स्वीकार की। 19 जून, 1961 में एक नई संधि हुई, जिसमें 1899 की संधि समाप्त कर दी गई और आंतरिक एवं बाह्य सभी मामलों में इसकी पूर्ण स्वतंत्रता की गई।[1]

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. क़ुवैत (हिन्दी)। । अभिगमन तिथि: 18 फ़रवरी, 2014।

संबंधित लेख

और पढ़ें

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"http://m.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=क़ुवैत&oldid=609643" से लिया गया