ताइवान  

ताइवान का ध्वज

ताइवान या 'ताईवान' पूर्व एशिया में स्थित एक द्वीप है। यह द्वीप अपने आसपास के कई द्वीपों को मिलाकर चीनी गणराज्य का अंग है, जिसका मुख्यालय ताइवान द्वीप ही है। इस कारण प्रायः ताइवान का अर्थ चीनी गणराज्य से भी लगाया जाता है। यूं तो यह ऐतिहासिक तथा संस्कृतिक दृष्टि से मुख्य भूमि चीन का अंग रहा है।

इतिहास

सन 1949 में चीन में दो दशक तक चले गृहयुद्ध के अंत में जब 'पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ़ चाइना' के संस्थापक माओत्से तुंग ने पूरे चीन पर अपना अधिकार जमा लिया तो विरोधी राष्ट्रवादी पार्टी के नेता और समर्थक ताइवान भाग खड़े हुए। माओ के डर से ताइवान अमेरिका के संरक्षण में चला गया। 1950 में अमेरिकी राष्ट्रपति ने जल सेना का जंगी जहाज़ 'सातवां बेड़ा' ताइवान और चीन के बीच के समुद्र में पहरेदारी करने भेजा। सन 1954 में अमेरिकी राष्ट्रपति आइज़न हावर ने ताइवान के साथ आपसी रक्षा संधि पर भी हस्ताक्षर किए। शुरू में 'रिपब्लिक ऑफ़ चाइना' (ताइवान) 'संयुक्त राष्ट्र संघ' का सदस्य था और चीन नहीं। धीरे-धीरे अमेरिका के संबंध चीन से अच्छे होने लगे। जब विश्व में चीन का दबदबा बढ़ने लगा तो सन 1971 में चीन को संयुक्त राष्ट्र संघ की सदस्यता मिल गई और चीन के दबाव में ताइवान की सदस्यता खारिज कर दी गई। चीन ने ताइवान को अपना प्रांत घोषित कर दिया। धीरे-धीरे चीन के राजनीतिक दबाव की वजह से अन्य राष्ट्रों ने भी ताइवान के साथ कूटनीतिक संबंध तोड़ लिए।[1]

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. 1.0 1.1 एक राष्ट्र है, जो राष्ट्र है भी और नहीं भी (हिन्दी) वेबदुनिया। अभिगमन तिथि: 10 फरवरी, 2015।

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