भोजकट  

भोजकट इलिचपुर का प्राचीन नाम है। यह बरार में है। यहाँ रुक्मिणी का भाई रुक्मी रहता था।[1]

  • भगवान श्रीकृष्‍ण ने भोजकट में हुए युद्ध में शत्रुवीरों का हनन करने वाले रुक्‍मी को हराया था।
  • रुक्‍मी ने भोजकट नामक उत्‍तम नगर बसाकर प्रसिद्धि पाई थी। हाथी-घोड़ों वाली विशाल सेना से सम्‍पन्‍न वह भोजकट नगर सम्‍पूर्ण भूमण्‍डल में विख्‍यात था।


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. पौराणिक कोश |लेखक: राणा प्रसाद शर्मा |प्रकाशक: ज्ञानमण्डल लिमिटेड, वाराणसी |संकलन: भारत डिस्कवरी पुस्तकालय |पृष्ठ संख्या: 557, परिशिष्ट 'क' |

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