हेमगर्भ  

हेमगर्भ एक प्राचीन पर्वत, जिसका उल्लेख वाल्मीकि रामायण, किष्किन्धाकाण्ड में हुआ है‌-

'तमतिकस्य शैलेन्द्रं हेमगर्भ महागिरिम् ततः सुदर्शननाम पर्वतं तन्तुमर्हय।'[1]
  • प्रसंग से यह पर्वत हेमकूट जान पड़ता है।[2]


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. वाल्मीकि रामायण, किष्किन्धा काण्ड 43, 16
  2. ऐतिहासिक स्थानावली |लेखक: विजयेन्द्र कुमार माथुर |प्रकाशक: राजस्थान हिन्दी ग्रंथ अकादमी, जयपुर |पृष्ठ संख्या: 1027 |

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