नागधन्वा  

नागधन्वा एक पौराणिक तीर्थ स्थान था, जिसकी गणना सरस्वती नदी के तीर्थों में की जाती थी। अनुमान किया जाता है कि यह तीर्थ दक्षिणी पंजाब या उत्तरी राजस्थान में था।[1]

'धर्मात्मा नागधन्वानं तीर्थमागमदच्युत, यत्र पन्नगराजस्य वासुके: सन्निवेशनम्'[2]

  • उपर्युक्त उद्धरण के प्रसंग के अनुसार नागधन्वा की सरस्वती नदी के प्रमुख तटवर्ती तीर्थों में गणना थी।
  • नागधन्वा की यात्रा श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम ने भी की थी।
  • शंखतीर्थ के उत्तर में नागधन्वा की स्थिति बताई गई है।
  • उपर्युक्त उल्लेख से ज्ञात होता है कि नागधन्वा के निकट नाग लोगों की बस्ती थी।


पन्ने की प्रगति अवस्था
आधार
प्रारम्भिक
माध्यमिक
पूर्णता
शोध

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. ऐतिहासिक स्थानावली |लेखक: विजयेन्द्र कुमार माथुर |प्रकाशक: राजस्थान हिन्दी ग्रंथ अकादमी, जयपुर |पृष्ठ संख्या: 486 |
  2. महाभारत, शल्यपर्व 37, 30.

संबंधित लेख

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"http://m.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=नागधन्वा&oldid=500914" से लिया गया