द्वैलव  

द्वैलव बिठूर, कानपुर से 6 मील (लगभग 9.6 कि.मी.) की दूरी पर स्थित एक ग्राम है। इस ग्राम को वैला रुद्रपुर नाम से भी जाना जाता है।[1]

  • वाल्मीकि ऋषि का आश्रम द्वैलव में ही माना जाता है।
  • इस ग्राम में वाल्मीकि कूप भी स्थित है।
  • स्थानीय जनश्रुति के आधार पर यह माना जाता है कि लव-कुश का जन्म और रामायण की रचना इसी ग्राम में हुई थी।
  • द्वैलव ग्राम का नाम लव के नाम पर ही रखा गया था।


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. ऐतिहासिक स्थानावली |लेखक: विजयेन्द्र कुमार माथुर |प्रकाशक: राजस्थान हिन्दी ग्रंथ अकादमी, जयपुर |पृष्ठ संख्या: 461 |

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