अगस्त्यकुंड  

अगस्त्यकुंड पौराणिक धर्म ग्रंथों के अनुसार उद्यंतक पर्वतमाला के मध्य स्थित बताया गया है।[1] वायुपुराण के अनुसार यहाँ पर आठ ऋषियों ने कठिन तपस्या कर मोक्ष प्राप्त किया था।[2]


पन्ने की प्रगति अवस्था
आधार
प्रारम्भिक
माध्यमिक
पूर्णता
शोध

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. पौराणिक कोश |लेखक: राणाप्रसाद शर्मा |प्रकाशक: ज्ञानमण्डल लिमिटेड, आज भवन, संत कबीर मार्ग, वाराणसी |पृष्ठ संख्या: 09 |
  2. वायुपुराण 108.45

संबंधित लेख

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"http://m.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=अगस्त्यकुंड&oldid=304765" से लिया गया