सांब  

Disamb2.jpg सांब एक बहुविकल्पी शब्द है अन्य अर्थों के लिए देखें:- सांब (बहुविकल्पी)

सांब जांबवती के गर्भ से उत्पन्न श्रीकृष्ण के दस पुत्रों में से एक का नाम था। यह जांबवान रीछ का दौहित्र था।

पौराणिक उल्लेख

'भविष्यपुराण' के अनुसार सांब अत्यधिक सुंदर थे और इन्होंने बल्देव जी से अस्त्र विद्या सीखी थी। दुर्वासा तथा पिता के शाप से ये कोढ़ी हो गए थे, पर नारद ऋषि के परामर्श से सूर्य की मित्र नामक मूर्ति की स्थापना कर यह रोग मुक्त हो गए थे। सांब जहाँ सूर्य की उपासना करते थे, उस स्थान का नाम 'मित्रवण' पड़ा था। महाभारत के युद्ध में ये जरासंध आदि से खूब लड़े। सांबपुर नामक नगर सांब द्वारा ही बसाया गया था। दुर्योधन की पुत्री लक्ष्मणा तथा श्वफलक की पुत्री वसुन्धरा इनकी दो पत्नियाँ थीं।[1]

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. भागवत पुराण 10.68.1-3; 39-42; ब्रह्माण्ड पुराण- बलराम द्वारा हस्तिनापुर का आकर्षण

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