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स्विष्टकृत (बृहस्पति पुत्र) - भारतकोश, ज्ञान का हिन्दी महासागर

स्विष्टकृत (बृहस्पति पुत्र)  

Disamb2.jpg स्विष्टकृत एक बहुविकल्पी शब्द है अन्य अर्थों के लिए देखें:- स्विष्टकृत (बहुविकल्पी)

स्विष्टकृत का उल्लेख पौराणिक ग्रंथ महाभारत में हुआ है। यह बृहस्पति का छठा पुत्र माना जाता है।

  • महाभारत वन पर्व के अनुसार प्रत्येक गृह्यकर्म में अग्नि के लिए सदा घी की धारा दी जाती है, जिसका प्रवाह उत्तराभिमुख होने से अभीष्ट फल प्राप्त होता है। अतएव इस अभीष्ट साधक उत्कृष्ट अग्नि का नाम 'स्विष्टकृत' है। [1]


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