रावण  

संक्षिप्त परिचय
रावण
रावण
अन्य नाम दशानन, लंकेश, लंकापति, दशग्रीव
कुल वाल्मीकि रामायण के अनुसार रावण पुलस्त्य मुनि का पोता था अर्थात उनके पुत्र विश्रवा का पुत्र था।
पिता विश्रवा
माता कैकसी
विवाह मंदोदरी
संतान मेघनाद
विद्या पारंगत धनुर्विद्या
निवास लंका
मृत्यु रामायण के अंत में श्रीराम के द्वारा वध
अन्य जानकारी संगीत के क्षेत्र में भी रावण की विद्वता अपने समय में अद्वितीय मानी जाती है। वीणा बजाने में रावण सिद्धहस्त था। उसने एक वाद्य बनाया भी था जिसे जो आज के बेला या वायलिन का ही मूल और प्रारम्भिक रूप है जिसे अब रावण हत्था कहा जाता है।

रावण (अंग्रेज़ी:Ravana) रामायण का एक विशेष पात्र है। रावण लंका का राजा था। वह अपने दस सिरों के कारण भी जाना जाता था (साधारण से दस गुणा अधिक मस्तिष्क शक्ति), जिसके कारण उसका नाम दशानन {दश (दस) + आनन (मुख)} भी था। किसी भी कृति के लिये अच्छे पात्रों के साथ ही साथ बुरे पात्रों का होना अति आवश्यक है। किन्तु रावण में अवगुण की अपेक्षा गुण अधिक थे। जीतने वाला हमेशा अपने को उत्तम लिखता है, अतः रावण को बुरा कहा गया है। रावण को चारों वेदों का ज्ञाता कहा गया है। संगीत के क्षेत्र में भी रावण की विद्वता अपने समय में अद्वितीय मानी जाती है। वीणा बजाने में रावण सिद्धहस्त था। उसने एक वाद्य बनाया भी था जिसे जो आज के बेला या वायलिन का ही मूल और प्रारम्भिक रूप है जिसे अब रावण हत्था कहा जाता है।

तथ्य

  • रावण शिव भक्त था। कैलाश पर्वत को उठाने की कथा की मूर्ति मथुरा में मिली है।
  • रामकथा में रावण ऐसा पात्र है, जो राम के उज्ज्वल चरित्र को उभारने का काम करता है।
  • रावण ने राम की पत्नी सीता का हरण किया था। राम ने रावण को युद्ध में मार कर सीता को छुड़ाया।

पौराणिक उल्लेख

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. युद्धकाण्ड-2, सेतुबन्धन (हिन्दी)। । अभिगमन तिथि: 18 अक्टूबर, 2013।
  2. How many sons Ravana had? (अंग्रेज़ी) speakingtree। अभिगमन तिथि: 10 अगस्त, 2016।

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