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तारा (बालि की पत्नी) - भारतकोश, ज्ञान का हिन्दी महासागर

तारा (बालि की पत्नी)  

Disamb2.jpg तारा एक बहुविकल्पी शब्द है अन्य अर्थों के लिए देखें:- तारा (बहुविकल्पी)

तारा प्रसिद्ध महाकाव्य रामायण के अनुसार सुग्रीव के भाई बालि की पत्नी व सुषेण की पुत्री थी। लंका के राजा रावण की भरी सभा अपना पैर गाड़ने वाला अंगद तारा का ही पुत्र था।

  • रामायण में श्रीराम के हाथों बालि का वध हुआ था।
  • बालि की मृत्यु के उपरांत उसकी पत्नी तारा से बालि के छोटे भाई सुग्रीव ने विवाह किया।[1]
  • तारा की गिनती पंचकन्याओं में भी की जाती है-
अहल्या द्रौपदी तारा कुंती मंदोदरी तथा।
पंचकन्या: स्मरेतन्नित्यं महापातकनाशम्॥[2]


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. महाभारत, वनपर्व, 280 1 से 39
  2. ब्रह्म पुराण 3.7.219

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