Notice: Undefined offset: 0 in /home/bharat/public_html/gitClones/live-development/bootstrapm/Bootstrapmskin.skin.php on line 41
नल (रामायण) - भारतकोश, ज्ञान का हिन्दी महासागर

नल (रामायण)  

Disamb2.jpg नल एक बहुविकल्पी शब्द है अन्य अर्थों के लिए देखें:- नल (बहुविकल्पी)

रामायण में राम-सेना का एक प्रसिद्ध वानर, जो विश्वकर्मा का अंशावतार था। इसके साथी का नाम नील था।

  • दक्षिण में समुद्र के किनारे पहुंचकर राम ने समुद्र की आराधना की। प्रसन्न होकर वरुणालय ने सगर पुत्रों से संबंधित होकर अपने को इक्ष्वाकु वंशीय बतलाकर राम की सहायता करने का वचन दिया और उसने कहा-'सेना में नल नामक विश्वकर्मा का पुत्र है। वह अपने हाथ से मेरे जल में जो कुछ भी छोड़ेगा वह तैरता रहेगा, डूबेगा नहीं।' इस प्रकार समुद्र पर पुल बना जो 'नलसेतु' नाम से विख्यात है।


पन्ने की प्रगति अवस्था
आधार
प्रारम्भिक
माध्यमिक
पूर्णता
शोध

टीका टिप्पणी और संदर्भ

संबंधित लेख

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"http://m.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=नल_(रामायण)&oldid=275392" से लिया गया