होल्कर वंश  

होल्कर वंश भारत में इन्दौर के मराठा शासक रहे हैं। इन्हें मूलरूप से एक चरवाहा जाति या कृषक वंश के रूप में जाना जाता था, जो मथुरा ज़िले से आकर दक्कन के गाँव ‘होल’ या ‘हल’ में बस गये थे। इसी गाँव के निवासी होने के कारण इनका पारिवारिक नाम 'होल्कर' हो गया। इस राजवंश के संस्थापक मल्हारराव होल्कर अपनी योग्यता के बलबूते पर किसान मूल से ऊपर उठे थे। मल्हारराव की मृत्यु के पश्चात् उनकी पुत्रवधु अहिल्याबाई होल्कर ने राजपाट अपने हाथों में ले लिया और बड़ी ही कुशलता के साथ उसका संचालन किया।

अहिल्याबाई

1724 ई. में मराठा राज्य के पेशवा (प्रधानमंत्री) बाजीराव प्रथम ने मल्हारराव होल्कर को 500 घुड़सवार सैनिकों की कमान सौंपी और जल्दी ही वह मालवा में पेशवा के प्रधान सेनापति बन गये, जिसका मुख्यालय 'महेश्वर' व 'इन्दौर' में था। 1766 ई. में मृत्यु होने तक मल्हारराव मालवा के वास्तविक शासक थे। 1767 से 1794 ई. तक उनके पुत्र खाण्डेराव की विधवा अहिल्याबाई होल्कर ने बहुत कुशलता और योग्यतापूर्वक राज्य का शासन चलाया। हिंसा के सागर में इन्दौर समृद्धि तथा शान्ति का सागर था और अहिल्याबाई के शासन, न्याय व बुद्धि के लिए विख्यात था। उन्होंने अपने दूर के सम्बन्धी तुकोजी होल्कर को अपना सेनापति नियुक्त किया था, जो दो वर्ष बाद अहिल्याबाई होल्करअहिल्याबाई की मृत्यु होने पर उनके उत्तराधिकारी बने। 1797 ई. में तुकोजी होल्कर के नाजायज़ बेटे जसवन्तराव ने सत्ता पर क़ब्ज़ा कर लिया।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

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