दिल्ली दरबार, 1911  

सन 1911 का दिल्ली दरबार लॉर्ड हार्डिंग द्वारा आयोजित किया गया था। बादशाह जॉर्ज पंचम और उनकी महारानी इस अवसर पर भारत आये थे। उनकी ताज़पोशी का समारोह भी हुआ। इसी दरबार में एक घोषणा के द्वारा बंगाल के विभाजन को भी रद्द कर दिया गया, साथ ही राजधानी को कलकत्ता (वर्तमान कोलकाता) से दिल्ली लाने की घोषणा भी की गई।

जॉर्ज पंचम का राजतिलक

दिसंबर में महाराजा जॉर्ज पंचम एवं महारानी मैरी के भारत के सम्राट एवं सम्राज्ञी बनने पर राजतिलक समारोह हुआ था। व्यवहारिक रूप से प्रत्येक शासक राजकुमार, महाराजा एवं नवाब तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति, सभापतियों को अपना आदर व्यक्त करने पहुंचे। सम्राट्गण अपनी शाही राजतिलक वेशभूषा में आये थे। सम्राट ने आठ मेहराबों युक्त भारत का इम्पीरियल मुकुट पहना, जिसमें छः हज़ार एक सौ सत्तर उत्कृष्ट तराशे हीरे, जिनके साथ नीलम, पन्ना और माणिक्य जड़े थे। साथ ही एक शनील और मिनिवर टोपी भी थी, जिन सब का भार 965 ग्राम था। फिर वे लाल क़िले के एक झरोखे में दर्शन के लिये आये, जहां दस लाख से अधिक लोग दर्शन हेतु उपस्थित थे।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

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