अब्दुस समद ख़ाँ  

अब्दुस समद ख़ाँ
अब्दुस समद ख़ाँ
पूरा नाम अब्दुस समद ख़ाँ
जन्म 1559 ई.
जन्म भूमि क्वेटा, गुलिस्तान
नागरिकता भारतीय
प्रसिद्धि राष्ट्रवादी नेता
पार्टी कांग्रेस
संबंधित लेख महात्मा गाँधी, भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन, बलूचिस्तान, क्वेटा
अन्य जानकारी अब्दुस समद ख़ाँ ने 1920 में उन्होंने ‘अंजुमन-ए-वतन’ नामक एक संस्था बनाई और उसके माध्यम से बलूचिस्तान में सामाजिक सुधार का काम आरंभ किया। बाद में देश में चल रहे राष्ट्रीय आंदोलन के महत्व को समझते हुए कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली

अब्दुस समद ख़ाँ (जन्म- 1559 ई., क्वेटा, गुलिस्तान) बलूचिस्तान के प्रसिद्ध राष्ट्रवादी नेता थे। महात्मा गाँधी के प्रभाव में आकर वे राष्ट्रीय आंदोलन में शामिल हो गए थे। उन्होंने बलूचिस्तान को पूर्ण प्रदेश का दर्जा दिये जाने की माँग की थी। अब्दुस समद ख़ाँ धर्म के आधार पर देश के विभाजन की नीति के घोर विरोधी थे। अपनी बलूच जनता को वे जान से भी अधिक प्यार करते थे।

परिचय

अब्दुस समद ख़ाँ का जन्म 1559 ईस्वी में क्वेटा के निकट गुलिस्तान में हुआ था। आरंभ में उनको शिक्षा की अधिक सुविधा नहीं मिली। गांधीजी के प्रभाव से वह शीघ्र ही राष्ट्रीय आंदोलन में सम्मिलित हो गए थे। सन 1920 में उन्होंने ‘अंजुमन-ए-वतन’ नामक एक संस्था बनाई और उसके माध्यम से बलूचिस्तान में सामाजिक सुधार का काम आरंभ किया। बाद में देश में चल रहे राष्ट्रीय आंदोलन के महत्व को समझते हुए उन्होंने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली और अपनी संस्था 'अंजुमन-ए-वतन' को कांग्रेस संगठन से संबद्ध कर लिया।[1]

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. भारतीय चरित कोश |लेखक: लीलाधर शर्मा 'पर्वतीय' |प्रकाशक: शिक्षा भारती, मदरसा रोड, कश्मीरी गेट, दिल्ली |पृष्ठ संख्या: 37-38 |

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