सीमा आयोग  

सीमा आयोग भारत की आज़ादी और विभाजन के पूर्व गवर्नर-जनरल लॉर्ड माउंट बेटन द्वारा जुलाई, 1947 में गठित किया गया आयोग था।

  • इस आयोग का कार्य मुस्लिम जनसंख्या के आधार पर भारत और पाकिस्तान के बीच पंजाब और बंगाल में विभाजन रेखा खींचना था।
  • सीमा आयोग में आठ निर्णायक सदस्य थे, चार 'भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस' से और चार 'मुस्लिम लीग' के थे।
  • भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस तथा मुस्लिम लीग के सदस्य किसी सहमति पर नहीं पहुंच पाए और 15 अगस्त की अंतिम तिथि निकट आ रही थी। अत: अंतिम निर्णय आयोग के अध्यक्ष सर साइरिल रेडक्लिफ़ द्वारा लिये गए।[1]
  • दुर्भाग्य से 17 अगस्त को रेडक्लिफ़ अवॉर्ड की घोषणा के पहले और बाद में सांप्रदायिक दंगे और बलात विस्थापन हुआ।


इन्हें भी देखें: बंगाल विभाजन एवं बंग भंग


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. भारत ज्ञानकोश, खण्ड-6 |लेखक: इंदु रामचंदानी |प्रकाशक: एंसाइक्लोपीडिया ब्रिटैनिका प्राइवेट लिमिटेड, नई दिल्ली और पॉप्युलर प्रकाशन, मुम्बई |संकलन: भारतकोश पुस्तकालय |पृष्ठ संख्या: 78 |

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