महा तृतीया  

  • भारत में धार्मिक व्रतों का सर्वव्यापी प्रचार रहा है। यह हिन्दू धर्म ग्रंथों में उल्लिखित हिन्दू धर्म का एक व्रत संस्कार है।
  • महातृतीया माघ या चैत्र की तृतीया को होता है।
  • इसमें गौरी की पूजा की जाती है।
  • इस व्रत में गुड़धेनु का अर्पण किया जाता है।[1]
  • किन्तु स्वयं को गुड़ नहीं खाना होता है।
  • इससे प्रसन्नता एवं गौरी लोक की प्राप्ति होती है।[2]


टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. मत्स्य पुराण (82
  2. हेमाद्रि (व्रतखण्ड 1, 484, पद्म पुराण से उद्धरण

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