नर्मदा जयंती  

नर्मदा जयंती
नर्मदा देवी
प्रारम्भ पौराणिक काल
तिथि माघ शुक्ल पक्ष सप्तमी
विशेष नर्मदा जयंती मध्य प्रदेश राज्य के नर्मदा नदी के तट पर मनायी जाती है।
अन्य जानकारी नर्मदा जी अमरकंटक से प्रवाहित होकर रत्नासागर में समाहित हुई है और अनेक जीवों का उद्धार भी किया है।

नर्मदा जयंती माँ नर्मदा के जन्मदिवस यानी माघ माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी को मनायी जाती है। नर्मदा जयंती मध्य प्रदेश राज्य के नर्मदा नदी के तट पर मनायी जाती है। माघ मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को शास्त्रों में 'नर्मदा जयंती' कहा गया है। नर्मदा अमरकंटक से प्रवाहित होकर रत्नासागर में समाहित हुई है और अनेक जीवों का उद्धार भी किया है।

परिचय

नर्मदा जयंती भारत में हिन्दुओं द्वारा मनाया जाने वाला त्यौहार है। यह अमरकंटक में बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है, क्योंकि यह माँ नर्मदा का जन्म स्थान है। इसके अलावा यह पूरे मध्य प्रदेश में बड़े ही हर्ष-उल्लास के साथ मनाया जाता है। जनवरी माह में मनाये जाने वाले संक्रांति के त्यौहार के आसपास यह त्यौहार मनाया जाता है। हिन्दू कैलेंडर के हिसाब से माघ माह की शुक्ल पक्ष की सप्तमी को माँ नर्मदा का जन्म हुआ था, इसलिए नर्मदा जयंती हर साल इस दिन मनायी जाती है। भारत में सात धार्मिक नदियाँ हैं, उन्हीं में से एक है माँ नर्मदा। हिन्दू धर्म में इसका बहुत महत्त्व है। कहा जाता है कि भगवान शिव ने देवताओं को उनके पाप धोने के लिए माँ नर्मदा को उत्पन्न किया था और इसलिए इसके पवित्र जल में स्नान करने से सारे पाप धुल जाते है।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. नर्मदा जयंती का महत्व (हिंदी) वेबदुनिया हिंदी। अभिगमन तिथि: 13 जून, 2013।

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