सफला एकादशी  

सफला एकादशी
विष्णु
अनुयायी हिंदू
उद्देश्य इस व्रत को करने से सभी कार्यों में सफलता मिलती है। इसीलिए इसका नाम सफला एकादशी है।
प्रारम्भ पौराणिक काल
तिथि पौष कृष्ण पक्ष एकादशी
उत्सव इस दिन भगवान अच्युत (विष्णु) की पूजा की जाती है।
अनुष्ठान इस दिन अगरबत्ती, नारियल, सुपारी, आंवला, अनार तथा लौंग आदि से श्री नारायण जी का विधिवत पूजन करना चाहिए।
धार्मिक मान्यता इस दिन दीपदान व रात्रि जागरण का बड़ा महत्त्व है।

सफला एकादशी (अंग्रेज़ी: Saphala Ekadashi, पौष मास में कृष्ण पक्ष एकादशी को कहा जाता है। इस दिन भगवान अच्युत (विष्णु) की पूजा की जाती है।

व्रत और विधि

इस व्रत को करने वाले को चाहिए कि प्रातः स्नान करके भगवान की आरती कर भोग लगाए। इस दिन अगरबत्ती, नारियल, सुपारी, आंवला, अनार तथा लौंग आदि से श्री नारायण जी का विधिवत पूजन करना चाहिए। इस दिन दीपदान व रात्रि जागरण का बड़ा महत्त्व है। इस व्रत को करने से सभी कार्यों में सफलता मिलती है। इसीलिए इसका नाम सफला एकादशी है।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

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