कुम्भ मेला  

कुम्भ मेला से संबंधित लेख
कुम्भ मेला
कुम्भ मेला, इलाहाबाद
अन्य नाम महाकुम्भ, कुम्भ पर्व
अनुयायी हिंदू धर्म
प्रारम्भ पौराणिक काल
तिथि पौष मास की पूर्णिमा
धार्मिक मान्यता राक्षसों और देवताओं में जब अमृत के लिए लड़ाई हो रही थी तब भगवान विष्णु ने एक मोहिनी का रूप लिया और राक्षसों से अमृत को जब्त कर लिया। भगवान विष्णु ने गरुड़ को अमृत पारित कर दिया और अंत में राक्षसों और गरुड़ के संघर्ष में कीमती अमृत की कुछ बूंदें इलाहाबाद, नासिक, हरिद्वार और उज्जैन में गिर गईं। तब से प्रत्येक 12 साल में इन सभी स्थानों में 'कुम्भ मेला' आयोजित किया जाता है।[1]
संबंधित लेख कुम्भ मेला 2013, हरिद्वार, इलाहाबाद, उज्जैन और नासिक

कुम्भ मेला हिन्दू धर्म का एक महत्त्वपूर्ण पर्व है, जिसमें करोड़ों श्रद्धालु कुम्भ पर्व स्थल- हरिद्वार, प्रयाग, उज्जैन और नासिक में स्नान करते हैं। इनमें से प्रत्येक स्थान पर प्रति बारहवें वर्ष में इस पर्व का आयोजन होता है। मेला प्रत्येक तीन वर्षो के बाद नासिक, इलाहाबाद, उज्जैन और हरिद्वार में बारी-बारी से मनाया जाता है। इलाहाबाद में संगम के तट पर होने वाला आयोजन सबसे भव्य और पवित्र माना जाता है। इस मेले में करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित होते है। ऐसी मान्यता है कि संगम के पवित्र जल में स्नान करने से आत्मा शुद्ध हो जाती है।

धार्मिक मान्यता

राक्षसों और देवताओं में जब अमृत के लिए लड़ाई हो रही थी तब भगवान विष्णु ने एक 'मोहिनी' का रूप लिया और राक्षसों से अमृत को जब्त कर लिया। भगवान विष्णु ने गरुड़ को अमृत पारित कर दिया, और अंत में राक्षसों और गरुड़ के संघर्ष में कीमती अमृत की कुछ बूंदें इलाहाबाद, नासिक, हरिद्वार और उज्जैन में गिर गई। तब से प्रत्येक 12 साल में इन सभी स्थानों में 'कुम्भ मेला' आयोजित किया जाता है।[1]

अर्द्ध कुम्भ और माघ मेला

हरिद्वार और प्रयाग में दो कुंभ पर्वों के बीच छह वर्ष के अंतराल में अर्द्धकुंभ होता है। अर्द्ध या आधा कुम्भ, हर छह वर्षो में संगम के तट पर आयोजित किया जाता है। पवित्रता के लिए अर्द्ध कुम्भ भी पूरी दुनिया में लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है। माघ मेला संगम पर आयोजित एक वार्षिक समारोह है।
गंगा नदी, हरिद्वार

इन्हें भी देखें: अर्द्ध कुम्भ एवं माघ मेला

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. 1.0 1.1 1.2 1.3 कुम्भ 2013 (हिंदी) (एच.टी.एम.एल) कुम्भ मेला (आधिकारिक वेबसाइट)। अभिगमन तिथि: 7 जनवरी, 2013।
  2. इलाहाबाद कुम्भ मेला : त्रिवेणी संगम पर ही क्यों स्नान पर्व (हिंदी) (एच.टी.एम.एल) वेब दुनिया हिंदी। अभिगमन तिथि: 7 जनवरी, 2013।
  3. हिन्दू धर्मकोश |लेखक: डॉ. राजबली पाण्डेय |प्रकाशक: उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान |पृष्ठ संख्या: 190 |
  4. कुम्भ पर्व चक्र (हिंदी) कुम्भ मेला (आधिकारिक वेबसाइट)। अभिगमन तिथि: 10 जनवरी, 2013।
  5. प्रयाग कुम्भ मेला 2013 (हिंदी) (एच.टी.एम.एल) वेब दुनिया हिंदी। अभिगमन तिथि: 7 जनवरी, 2013।
  6. ज्योतिषीय दृष्टिकोण (हिंदी) (एच.टी.एम.एल) कुम्भ मेला (आधिकारिक वेबसाइट)। अभिगमन तिथि: 8 जनवरी, 2013।
  7. कुम्भ के अनुष्ठान (हिंदी) (एच.टी.एम.एल) कुम्भ मेला (आधिकारिक वेबसाइट)। अभिगमन तिथि: 8 जनवरी, 2013।
  8. गंगा स्नान पर्व का महत्व (हिंदी) (एच.टी.एम.एल) वेब दुनिया हिंदी। अभिगमन तिथि: 7 जनवरी, 2013।
  9. इलाहाबाद कुम्भ मेला : नागा बाबाओं की अद्‍भुत ‍दुनिया (हिंदी) (एच.टी.एम.एल) वेब दुनिया हिंदी। अभिगमन तिथि: 8 जनवरी, 2013।
  10. 10.0 10.1 भारतीय अस्मिता का रक्षा कवच- कुंभ (हिन्दी)। । अभिगमन तिथि: 09 जनवरी, 2013।
  11. कुम्भ मेला आयोजन के स्थान (हिंदी) (एच.टी.एम.एल) वेब दुनिया हिंदी। अभिगमन तिथि: 7 जनवरी, 2013।

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