गंगा  

गंगा विषय सूची


गंगा
गंगा नदी
देश भारत, नेपाल और बांग्लादेश
राज्य हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल
प्रमुख नगर हरिद्वार, कन्नौज, कानपुर, वाराणसी, भागलपुर और मुर्शिदाबाद ज़िला
उद्गम स्थल गंगोत्री, उत्तराखंड
लम्बाई 2,510 किमी
सहायक नदियाँ यमुना, रामगंगा, घाघरा, ताप्ती, गंडक, कोसी आदि
पौराणिक उल्लेख ब्रह्माण्ड पुराण के अनुसार गंगा को विष्णु के पाँव से एवं शिव के जटाजूट में अवस्थित माना गया है।
धार्मिक महत्त्व भारत की अनेक धार्मिक अवधारणाओं में गंगा नदी को देवी के रूप में निरुपित किया गया है।
ऐतिहासिक महत्त्व ऐतिहासिक रूप से गंगा के मैदान से ही हिन्दुस्तान का हृदय स्थल निर्मित है और वही बाद में आने वाली विभिन्न सभ्यताओं का पालना बना। अशोक के साम्राज्य का केन्द्र पाटलिपुत्र (पटना), बिहार में गंगा के तट पर बसा हुआ था।
गूगल मानचित्र गंगा नदी
अन्य जानकारी भारतीय भाषाओं में तथा अधिकृत रूप से गंगा नदी को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इसके अंग्रेज़ीकृत नाम ‘द गैंगीज़’ से ही जाना जाता है। गंगा सहस्राब्दियों से हिन्दुओं की पवित्र तथा पूजनीय नदी रही है।
अद्यतन‎

गंगा (अंग्रेज़ी: Ganges) भारत की सबसे महत्त्वपूर्ण नदियों में से एक है। यह उत्तर भारत के मैदानों की विशाल नदी है। गंगा, भारत और बांग्लादेश में मिलकर 2,510 किलोमीटर की दूरी तय करती हुई उत्तरांचल में हिमालय से निकलकर बंगाल की खाड़ी में भारत के लगभग एक-चौथाई भू-क्षेत्र को प्रवाहित होती है। गंगा नदी को उत्तर भारत की अर्थव्यवस्था का मेरुदण्ड भी कहा गया है।

नामकरण

भारतीय भाषाओं में तथा अधिकृत रूप से गंगा नदी को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इसके अंग्रेज़ीकृत नाम ‘द गैंगीज़’ से ही जाना जाता है। गंगा सहस्राब्दियों से हिन्दुओं की पवित्र तथा पूजनीय नदी रही है। अपने अधिकांश मार्ग में गंगा एक चौड़ी व मंद धारा है और विश्व के सबसे ज़्यादा उपजाऊ और घनी आबादी वाले इलाक़ों से होकर बहती है। इतने महत्व के बावज़ूद इसकी लम्बाई 2,510 किलोमीटर है, जो एशिया या विश्व स्तर की तुलना में कोई बहुत ज़्यादा नहीं है। भारत की पावन नदी, जिसकी जलधारा में स्नान से पापमुक्ति और जलपान से शुद्धि होती है। यह प्रसिद्ध नदी, हिमाचल प्रदेश में गंगोत्री से निकलकर मध्यदेश से होती हुई पश्चिम बंगाल के परे गंगासागर में मिलती है। गंगा की घाटी संसार की उर्वरतम घाटियों में से एक है और सरयू, यमुना, सोन आदि अनेक नदियाँ उससे आ मिलती हैं।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. उत्तरांचल-एक परिचय (एचटीएम) टीडीआईएल। अभिगमन तिथि: 28 अप्रॅल, 2008
  2. भारत के बारे में जानो भारत सरकार। अभिगमन तिथि: 21 जून, 2009
  3. उत्तराखंड की प्रमुख नदियाँ इंडिया वाटर पोर्टल। अभिगमन तिथि: 21 जून, 2009
  4. पद्म पुराण 6|267|47
  5. वामपादाम्बुजांगुष्ठनखस्रोतोविनिर्गताम्। विष्णोर्बभर्ति यां भक्त्या शिरसाहनिंशं ध्रुव:।। विष्णु पुराण (2|8|109); कल्पतरु (तीर्थ, पृष्ठ 161) ने ‘शिव:’ पाठान्तर दिया है। ‘नदी सा वैष्णवी प्रोक्ता विष्णुपादसमुदभवा।’ पद्म पुराण (5|25|188)।
  6. (मत्स्य पुराण 121|38-41; ब्रह्माण्ड पुराण 2|18|39-41 एवं 1|3|65-66)
  7. (1|46|30-31) एवं वराह पुराण (अध्याय 82, गद्य में)
  8. तथैवालकनंदा च दक्षिणादेत्य भारतम्। प्रयाति सागरं भित्त्वा सप्तभेदा द्विजोत्तम:।। कूर्म पुराण (1|46|31)।
  9. हिन्दी काव्य में गंगा नदी अभिव्यक्ति। अभिगमन तिथि: 30 जून, 2009
  10. गंगा की उपस्थिति सुजलाम्। अभिगमन तिथि: 22 जून, 2009
  11. इंदो किं अंदोलिया अमी ए चक्कीवं गंगा सिरे। .................एतने चरित्र ते गंग तीरे
  12. कइ रे हिमालइ माहिं गिलउं। कइ तउ झंफघडं गंग-दुवारि।..................बहिन दिवाऊँ राइ की। थारा ब्याह कराबुं गंग नइ पारि
  13. प्रागराज सो तीरथ ध्यावौं। जहँ पर गंग मातु लहराय।। / एक ओर से जमुना आई। दोनों मिलीं भुजा फैलाय।। / सरस्वती नीचे से निकली। तिरबेनी सो तीर्थ कहाय।।

बाहरी कड़ियाँ

संबंधित लेख

और पढ़ें

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"http://m.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=गंगा&oldid=607617" से लिया गया