जैसलमेर  

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जैसलमेर
जैसलमेर का एक दृश्य
विवरण जैसलमेर शहर, पश्चिमी राजस्थान राज्य, पश्चिमोत्तर भारत में स्थित है। जैसलमेर पीले भूरे पत्थरों से निर्मित भवनों के लिए विख्यात है।
राज्य राजस्थान
ज़िला जैसलमेर ज़िला
निर्माण काल 1156 ई.
स्थापना राजपूतों के सरदार रावल जैसल द्वारा स्थापित
भौगोलिक स्थिति उत्तर- 26° 92' - पूर्व- 70° 9'
मार्ग स्थिति यह सड़क मार्ग जयपुर से 558 किमी, अहमदाबाद से 626 किमी, दिल्ली से 864 किमी, आगरा से 802 किमी, मुंबई से 1177 किमी पर स्थित है।
प्रसिद्धि जैसलमेर नक़्क़ाशीदार हवेलियाँ, रेगिस्तानी टीले, प्राचीन जैन मंदिरों, मेलों और उत्सवों के लिये प्रसिद्ध हैं।
कब जाएँ अक्टूबर से मार्च
हवाई अड्डा जैसलमेर हवाई अड्डा
रेलवे स्टेशन जैसलमेर रेलवे स्टेशन
बस अड्डा बस अड्डा जैसलमेर
यातायात ऑटो रिक्शा और ऊँट सवारी
क्या देखें जैसलमेर का क़िला, मरुभूमि राष्ट्रीय उद्यान, कलात्मक हवेलियाँ, सोनार क़िला, गडसीसर जलाशय एवं टीला की पोल, बादल विलास, अमरसागर आदि
क्या ख़रीदें ख़रीददारी के लिए माणिक चौक विशेष तौर पर प्रसिद्ध है। सिला हुआ कंबल और शॉल, शीशे का काम किया हुआ कपड़ा, चाँदी के आभूषण और चित्रित कपड़ा, कशीदाकारी की गई वस्तुएँ आदि की ख़रीददारी कर सकते हैं।
एस.टी.डी. कोड 02992
Map-icon.gif हवाई अड्डा (गूगल)
अन्य जानकारी जैसलमेर के प्रमुख ऐतिहासिक स्मारकों में सर्वप्रमुख यहाँ का क़िला है। यह 1155 ई. में निर्मित हुआ था। यह स्थापत्य का सुंदर नमूना है। इसमें बारह सौ घर भी हैं।

जैसलमेर शहर, पश्चिमी राजस्थान राज्य, पश्चिमोत्तर भारत में स्थित है। अनुपम वस्तुशिल्प, मधुर लोक संगीत, विपुल सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत को अपने में संजोये हुए जैसलमेर स्वर्ण नगरी के रूप में विख्यात है। पीले भूरे पत्थरों से निर्मित भवनों के लिए विख्यात जैसलमेर की स्थापना 1156 ई. में राजपूतों (राजपूताना ऐतिहासिक क्षेत्र के योद्धा शासक) के सरदार रावल जैसल ने की थी। रावल जैसल के वंशजों ने यहाँ भारत के गणतंत्र में परिवर्तन होने तक बिना वंश क्रम को भंग किए हुए 770 वर्ष सतत शासन किया, जो अपने आप में एक महत्त्वपूर्ण घटना है। सल्तनत काल के लगभग 300 वर्ष के इतिहास में गुजरता हुआ यह राज्य मुग़ल साम्राज्य में भी लगभग 300 वर्षों तक अपने अस्तित्व को बनाए रखने में सक्षम रहा। भारत में अंग्रेज़ी राज्य की स्थापना से लेकर समाप्ति तक भी इस राज्य ने अपने वंश गौरव एवं महत्त्व को यथावत रखा। भारत की स्वतंत्रता के पश्चात् यह भारतीय गणतंत्र में विलीन हो गया।[1]

विशेषता तथा महत्त्व

यह सारा नगर ही पीले सुन्दर पत्थर का बना हुआ है जो नगर की विशेषता है। यहाँ के मंदिर व प्राचीन भवन और प्रासाद भी इसी पीले पत्थर के बने हुए हैं और उन पर जाली का बारीक काम किया हुआ है। भारत में जैसलमेर पर्यटन का सबसे आकर्षक स्थल माना जाता है। भारत के मानचित्र में जैसलमेर ऐसे स्थल पर स्थित है जहाँ इतिहास में इसका विशिष्ट महत्त्व है। इस राज्य का भारत के उत्तर-पश्चिमी सीमा पर विस्तृत क्षेत्रफल होने के कारण यहाँ के शासकों ने अरबों तथा तुर्की के प्रारंभिक हमलों को न केवल सहन किया वरन् दृढ़ता के साथ इन बाहरी आक्रमणों से उन्हें पीछे धकेलकर राजस्थान, गुजरात तथा मध्य भारत को सदियों तक सुरक्षित रखा।
जैसलमेर का क़िला
मेवाड़ और जैसलमेर राजस्थान के दो राजपूत राज्य है, जो अन्य राज्यों से प्राचीन माने जाते हैं, जहाँ एक ही वंश का लम्बे समय तक शासन रहा है। हालाँकि जैसलमेर राज्य की ख्याति मेवाड़ के इतिहास की तुलना में बहुत कम हुई है, इसका मुख्य कारण यह है कि मुग़ल काल में जहाँ मेवाड़ के महाराणाओं की स्वाधीनता बनी रही वहीं अन्य शासक की भाँति जैसलमेर के महारावलों द्वारा मुग़लों से मेलजोल कर लिया जो अंत तक चलता रहा। जैसलमेर आर्थिक क्षेत्र में भी यह राज्य एक साधारण आय वाला पिछड़ा क्षेत्र रहा है, जिसके कारण यहाँ के शासक कभी शक्तिशाली सैन्य बल संगठित नहीं कर सके। इसके विस्तृत भू-भाग को दबा कर इसके पड़ोसी राज्यों ने नए राज्यों का संगठन कर लिया जिनमें बीकानेर, खैरपुर, मीरपुर, बहावलपुर एवं शिकारपुर आदि राज्य हैं। जैसलमेर के इतिहास के साथ प्राचीन यदुवंश तथा मथुरा के राजा यदु वंश के वंशजों का सिंध, पंजाब, राजस्थान के भू-भाग में पलायन और कई राज्यों की स्थापना आदि के अनेकानेक ऐतिहासिक व सांस्कृतिक प्रसंग जुड़े हुए हैं। सामान्यत: लोगों की कल्पना में यह स्थान धूल व आँधियों से घिरा रेगिस्तान मात्र है। परंतु इतिहास एवं काल के थपेड़े खाते हुए भी यहाँ प्राचीन संस्कृति, कला, परंपरा व इतिहास अपने मूल रूप में विद्यमान रहा तथा यहाँ के रेत के कण-कण में पिछले आठ सौ वर्षों के इतिहास की गाथाएँ भरी हुई हैं। जैसलमेर राज्य ने मूल भारतीय संस्कृति, लोक शैली, सामाजिक मान्यताएँ, निर्माणकला, संगीतकला, साहित्य, स्थापत्य आदि के मूलरूपांतरण को बनाए रखा है।[1]

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. 1.0 1.1 1.2 जैसलमेर राज्य : एक संक्षिप्त परिचय (हिन्दी) (एचटीएम)। । अभिगमन तिथि: 28 अक्टूबर, 2010
  2. जैसलमेर (हिन्दी) यात्रा सलाह। अभिगमन तिथि: 18 जून, 2010।
  3. जैसलमेर के शासक तथा इनका संक्षिप्त इतिहास (हिन्दी) (एचटीएम)। । अभिगमन तिथि: 28 अक्टूबर, 2010
  4. जैसलमेर की चित्रकला (हिन्दी) (एचटीएम)। । अभिगमन तिथि: 28 अक्टूबर, 2010
  5. जैसलमेर की कशीदाकारी (हिन्दी) (एचटीएम)। । अभिगमन तिथि: 28 अक्टूबर, 2010
  6. जैसलमेर की स्थापत्य कला (हिन्दी) (एचटीएम)। । अभिगमन तिथि: 28 अक्टूबर, 2010
  7. जैसलमेर में भाषा (हिन्दी) (एचटीएम)। । अभिगमन तिथि: 2 नवंबर, 2010
  8. साहित्य (हिन्दी) (एचटीएम)। । अभिगमन तिथि: 2 नवंबर, 2010
  9. संगीत (हिन्दी) (एचटीएम)। । अभिगमन तिथि: 2 नवंबर, 2010
  10. धर्म (हिन्दी) (एचटीएम)। । अभिगमन तिथि: 2 नवंबर, 2010

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