डीग महल  

डीग महल
डीग महल, डीग
विवरण डीग महल को ऐतिहासिक रूप से अठारहवीं शताब्‍दी के जाट शासकों के मजबूत शासन के साथ जोड़ा जाता है।
राज्य राजस्थान
ज़िला भरतपुर
निर्माता बदन सिंह और सूरजमल
स्थापना 1730 ई.
भौगोलिक स्थिति 27° 25' उत्तर और 77° 15' पूर्व
मार्ग स्थिति मथुरा से गोवर्धन होते हुए लगभग 40 कि.मी. और आगरा से 44 मील पश्चिमोत्तर में व भरतपुर से 22 मील उत्तर की ओर स्थित है।
कब जाएँ कभी भी जा सकते हैं
रेलवे स्टेशन भरतपुर रेलवे स्टेशन
बस अड्डा भरतपुर बस अड्डा, डीग बस अड्डा
Map-icon.gif गूगल मानचित्र
संबंधित लेख डीग, डीग क़िला, डीग संग्रहालय
अन्य जानकारी इस शहर की शोभा बढ़ाने वाला सुन्‍दर उद्यान युक्‍त महल, सूरजमल की सर्वोत्‍तम कलात्‍मक उपलब्‍धियों में से एक है तथा जाट वंश के प्रसिद्ध नायक का यह आज भी प्रसिद्ध स्‍मारक है।

डीग महल अथवा डीग पैलेस (अंग्रेज़ी: Deeg Palace) भरतपुर ज़िले के डीग में स्थित है। डीग महल (अक्षांश 27° 25', रेखांश 77° 15') को ऐतिहासिक रूप से अठारहवीं शताब्‍दी के जाट शासकों के मजबूत शासन के साथ जोड़ा जाता है। बदन सिंह (1722-56 ई.) ने सिंहासन प्राप्‍त करने के पश्‍चात् समुदाय प्रमुखों को इकट्ठा किया तथा इस प्रकार वह भरतपुर में जाट घराने का प्रसिद्ध संस्‍थापक बना। डीग का शहरीकरण शुरू करने का श्रेय भी उसे ही जाता है। उसने ही इस स्‍थान को अपनी नई स्‍थापित जाट सत्‍ता के मुख्‍यालय के रूप में चुना था।

इतिहास

बदन सिंह के पुत्र, सूरजमल ने 1730 ई. में बहुत ऊंची दीवारों तथा बुर्जों वाला मजबूत महल बनवाया था। कुछ लेखकों के अनुसार लगभग इसी अवधि में बदन सिंह के भाई, रूप सिंह ने रूप सागर नामक एक विशाल आकर्षक तालाब बनवाया। इस शहर की शोभा बढ़ाने वाला सुन्‍दर उद्यान युक्‍त महल, सूरजमल की सर्वोत्‍तम कलात्‍मक उपलब्‍धियों में से एक है तथा जाट वंश के प्रसिद्ध नायक का यह आज भी प्रसिद्ध स्‍मारक है। सूरजमल की मृत्‍यु के पश्‍चात् उसके पुत्र, जवाहर सिंह (1764-68 ई.) ने कुछ अन्‍य महल बनवाए जिनमें सूरज भवन शामिल है। उसने बगीचों और फव्‍वारों को भी परिसज्‍जित किया। भरतपुर ज़िले में प्राचीन दीर्घपुरा, डीग (अक्षांश 27°8' उत्तर; रेखांश 77° 20' पूर्व) 18वीं-19वीं शताब्‍दी ई. के दौरान जाट शासकों का मजबूत गढ़ बना। यह दिल्‍ली से 153 कि.मी. तथा आगरा से 98 कि.मी. की दूरी पर स्‍थित है। यह प्राचीन पवित्र ब्रज-भूमि की क्षेत्रीय सीमाओं में आता है। ऐतिहासिक रूप से डीग राजाराम (1686-88), भज्‍जा सिंह (1688-98) तथा चूडामन (1695-1721) के नेतृत्‍व में जाट किसानों के उत्‍थान से जुड़ा है। चूडामन की मृत्‍यु के पश्‍चात् बदन सिंह (1722-56 ई.) ने कई जिलों पर अपना अधिकार जमाया तथा वह भरतपुर में जाट शासन का वास्‍तविक संस्‍थापक बना। डीग को खूबसूरत भवनों, महलों तथा बागों वाले एक उन्‍नत नगर में परिवर्तित करने का श्रेय उसे ही जाता है। बदन सिंह का पुत्र तथा उत्‍तराधिकारी, सूरजमल (1756-63) एक महानतम शासक था और इसके शासन के दौरान इस वंश की शक्‍तियां अपने चरम पर पहुंची।[1]
मुख्य द्वार, डीग महल, डीग

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. 1.0 1.1 1.2 टिकट द्वारा प्रवेश वाले स्मारक-राजस्‍थान (हिन्दी) भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण। अभिगमन तिथि: 4 जनवरी, 2014।

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