बासु चटर्जी  

बासु चटर्जी
बासु चटर्जी
पूरा नाम बासु चटर्जी
प्रसिद्ध नाम बासु दा
जन्म 10 जनवरी, 1927
जन्म भूमि अजमेर, राजस्थान
मृत्यु 6 जून, 2020
मृत्यु स्थान मुंबई, महाराष्ट्र
संतान 2 पुत्रियाँ
कर्म भूमि भारत
कर्म-क्षेत्र भारतीय सिनेमा
मुख्य फ़िल्में 'पिया का घर', 'चितचोर', 'स्वामी', 'खट्टा मीठा', 'प्रियतमा', 'चक्रव्यूह', 'बातों बातों में' और 'सफेद झूठ' आदि।
प्रसिद्धि पटकथा लेखक व निर्देशक
नागरिकता भारतीय
अन्य जानकारी बासु चटर्जी ने भारतीय टीवी को पहला बिना टोपी वाला जासूस दिया। ये सीरियल था 1993 में आया 'ब्योमकेश बख्शी'। रजित कपूर ने ब्योमकेश का किरदार निभाया था।
बासु चटर्जी (अंग्रेज़ी: Basu Chatterjee, जन्म- 10 जनवरी, 1927; मृत्यु- 6 जून, 2020) हिंदी और बंगाली सिनेमा के जाने-माने पटकथा लेखक और निर्देशक थे। उन्होंने अपने फिल्मी कॅरियर की शुरुआत बासु भट्टाचार्य का सहायक बनकर की। बासु भट्टाचार्य और ऋषिकेश मुखर्जी की फिल्मों की तरह बासु चटर्जी की फिल्में भी हल्के मूड वाली मध्यम वर्गीय परिवार की कहानियां होती थीं। वह अपनी फिल्मों में शादी और प्रेम संबंधों पर ज्यादा जोर देते थे। इसके अलावा उनकी फिल्में सामाजिक और नैतिक मुद्दों पर भी बातचीत करती थीं।


70 व 80 के दशक में हिंदी सिनेमा को बासु चटर्जी ने कई ऐसी फिल्में दी जिन्होंने इंडस्ट्री के कई आयामों को बदल दिया। बासु दा ने 1969 में आई अपनी फिल्म 'सारा आकाश' के जरिए फिल्मी दुनिया में कदम रखा था। फिल्म 'सारा आकाश' के निर्देशन से पहले बासु दा ने 1966 में रिलीज हुई राज कपूर और वहीदा रहमान स्टारर फिल्म 'तीसरी कसम' के निर्देशक बासु भट्टाचार्य के सहायक के तौर पर काम किया।

परिचय

बासु चटर्जी का जन्म 10 जनवरी, सन 1927 को राजस्थान के अजमेर में हुआ और उन्होंने भारतीय सिनेमा में सराहनीय काम किया। मुंबई के एक अखबार में कार्टूनिस्ट और इलस्ट्रेटर का काम करने वाले बासु दा के बारे में किसने सोचा था कि वह भारतीय सिनेमा को अगली सीढ़ी पर कदम रखने में मदद करने वाले दिग्गज फिल्ममेकर साबित होंगे। राज कपूर और वहीदा रहमान की फिल्म 'तीसरी कसम' में उन्होंने बासु भट्टाचार्य को असिस्ट किया था। ये फिल्म साल 1966 में रिलीज हुई थी और इसमें बेस्ट फीचर फिल्म का अवॉर्ड जीता था। जहां तक उनके डायरेक्टोरियल डेब्यू की बात है तो उन्होंने निर्देशन के क्षेत्र में फिल्म 'सारा आकाश' से शुरुआत की थी। ये फिल्म साल 1969 में रिलीज हुई थी और इसके लिए बेस्ट स्क्रीनप्ले का फिल्मफेयर अवॉर्ड जीता था।

बासु चटर्जी की फिल्मों की फेहरिस्त बहुत लंबी है। उन्होंने 'पिया का घर', 'उस पार', 'चितचोर', 'स्वामी', 'खट्टा मीठा', 'प्रियतमा', 'चक्रव्यूह', 'जीना यहां', 'बातों बातों में', 'अपने प्यारे', 'शौकीन' और 'सफेद झूठ' जैसी फिल्मों का निर्देशन किया था।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. टीवी की दुनिया में भी छाया रहा बासु चटर्जी का नाम, रजनी-ब्योमकेश बख्शी हैं यादगार (हिंदी) aajtak.intoday.in। अभिगमन तिथि: 06 जून, 2020।
  2. इन 10 सदाबहार फिल्मों के लिए हमेशा याद किए जाएंगे बासु चटर्जी (हिंदी) navbharattimes.indiatimes.com। अभिगमन तिथि: 06 जून, 2020।

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