चन्दूलाल शाह  

चन्दूलाल शाह
चन्दूलाल शाह
पूरा नाम चन्दूलाल जयसिंह भाई शाह
जन्म 13 अप्रैल, 1898
जन्म भूमि जामनगर, गुजरात
मृत्यु 25 नवम्बर, 1975
मृत्यु स्थान मुंबई
कर्म भूमि मुंबई
कर्म-क्षेत्र फ़िल्म निर्माता-निर्देशक और पटकथा लेखक
मुख्य फ़िल्में 'टाइपिस्ट गर्ल', 'विश्वमोहिनी', 'गृहलक्ष्मी', 'राजपूतानी', 'बिखारन', 'राजलक्ष्मी', 'सती सावित्री', 'राधा रानी', 'मिस 1933', 'गुणसुन्दरी', 'कीमती आँसू', 'प्रभू का प्यारा', 'अछूत', 'पापी' आदि।
शिक्षा वाणिज्य विषय से स्नातक
विशेष योगदान चन्दूलाल शाह ने ही हॉलीवुड फ़िल्मों की नकल करके हिन्दी फ़िल्में बनाने का चलन शुरू किया था।
नागरिकता भारतीय
अन्य जानकारी 1931-1946 के बीच आपने 100 से भी ज़्यादा फ़िल्में बनायी थीं।

चन्दूलाल जयसिंह भाई शाह (अंग्रेज़ी: Chandulal Jesangbhai Shah, जन्म- 13 अप्रैल, 1898, गुजरात; मृत्यु- 25 नवम्बर, 1975, मुंबई) हिन्दी फ़िल्मों के प्रसिद्ध निर्देशक, निर्माता और पटकथा लेखक थे। उन्हें भारतीय सिने इतिहास की प्रसिद्ध हस्तियों में गिना जाता है। वह एक प्रकार से संयोगवश ही फ़िल्मों में आये थे। उन्होंने अपने दौर के सबसे कुशल व्यावसायिक फ़िल्मकार बनकर सबको चमत्कृत कर दिया था। संयोग से ही सही, लेकिन इस क्षेत्र में आने के बाद चन्दूलाल शाह ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। वह इस क्षेत्र में नहीं आये होते तो हिन्दी के व्यावसायिक सिनेमा का नुकसान ही होता, क्योंकि आज हिन्दी का व्यावसायिक सिनेमा जिस तरह का है, उसमें एक बड़ी भूमिका चन्दूलाल शाह जैसे प्रयोगवादी फ़िल्मकारों की भी रही है।

जन्म तथा शिक्षा

चन्दूलाल शाह का जन्म 13 अप्रैल, 1898 में जामनगर, गुजरात में हुआ था। उन्होंने अपनी शिक्षा कॉमर्स विषय के साथ स्नातक की डिग्री प्राप्त करके पूर्ण की थी। शिक्षा पूर्ण करने के बाद वे शेयर बाज़ार के कारोबार में लग गये। चन्दूलाल के बड़े भाई दयाराम शाह भी यद्यपि शेयरों की ख़रीद-फरोख्त का काम करते थे, लेकिन इसके साथ ही वे फ़िल्मों के लिए कहानियाँ भी लिखा करते थे। बीच-बीच में चन्दूलाल अपने बड़े भाई का हाथ बंटा दिया करते थे।

फ़िल्म निर्देशन

चन्दूलाल शाह को सन 1925 में संयोग से एक फ़िल्म के निर्देशन का मौका मिला। दरअसल वह अपने बड़े भाई की लिखी कहानियों पर होने वाली शूटिंग को देखने स्टूडियो जाया करते थे। वहाँ वे निर्देशकों के साथ बड़े दोस्ताना स्वभाव से वक्त गुजारते थे। कभी-कभी अपने सुझाव भी देते, जो बेहद ताजगी भरे और पहली ही नजर में निर्देशकों को पसंद आने वाले होते थे। निर्देशक उनकी तारीफ़ करते, और कहते थे एक दिन वे ज़रूर बड़े निर्देशक बनेंगे। यह वाक्य सच हुआ और जल्द ही वह दिन आ गया। 'लक्ष्मी फ़िल्म कंपनी' की 'विमला' नामक फ़िल्म की शूटिंग चल रही थी, अचानक फ़िल्म के निर्देशक मणिलाल जोशी बीमार पड़ गये। जोशी जी ने निर्माता को सुझाव दिया कि वह चन्दूलाल को निर्देशक के तौर पर रख लें। निर्माता ने ऐसा ही किया और चन्दूलाल शाह अपने से लगायी गई उम्मीदों पर पूरी तरह खरे उतरे। उन्होंने तय समय पर फ़िल्म पूरी कर दी। 'लक्ष्मी फ़िल्म कंपनी' को उनका काम बहुत पसंद आया और उसी वर्ष कंपनी ने उन्हें दो और फ़िल्में निर्देशन के लिए दे दीं।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

बाहरी कड़ियाँ

संबंधित लेख

और पढ़ें

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"http://m.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=चन्दूलाल_शाह&oldid=622970" से लिया गया