गामा पहलवान  

गामा पहलवान
गामा पहलवान
पूरा नाम ग़ुलाम मुहम्मद
जन्म 1880 ईसवी
जन्म भूमि अमृतसर, पंजाब
मृत्यु 21 मई, 1960 लाहौर, पाकिस्तान
खेल-क्षेत्र कुश्ती
पुरस्कार-उपाधि 'जॉन बुल बैल्ट' 'रुस्तम-ए-ज़मा', 'विश्वकेसरी' अथवा 'विश्वविजेता'
नागरिकता भारतीय (बाद में पाकिस्तानी)
अन्य जानकारी गामा विश्व के एक मात्र पहलवान थे जिन्होंने अपने जीवन में कोई कुश्ती नहीं हारी।
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गामा पहलवान (अंग्रेज़ी: Gama Pahalwan, मूल नाम: ग़ुलाम मुहम्मद, जन्म: 1880 ईसवी अमृतसर, पंजाब - मृत्यु 21 मई, 1960 लाहौर, पाकिस्तान) शायद ही कोई ऐसा भारतीय खेल-प्रेमी हो, जिसने 'रुस्तम-ए-ज़मां' पहलवान का नाम न सुना हो। गामा पहलवान भारत में एक किंवदंती बन चुके हैं। शारीरिक ताक़त के लिए जिस प्रकार आजकल दारा सिंह की मिसाल दी जाती है, इसी प्रकार कुछ समय पहले तक 'गामा पहलवान' का नाम लिया जाता था। 15 अक्टूबर 1910 में गामा को 'विश्व हॅवीवेट चैम्पियनशिप' (दक्षिण एशिया) में विजेता घोषित किया गया। अपने पहलवानी के दौर में गामा की उपलब्धियाँ इतनी आश्चर्यजनक एवं अविश्वसनीय हैं कि साधारणत: लोगों को विश्वास नहीं होता कि गामा पहलवान वास्तव में हुए थे।

उपाधियाँ

गामा को 'शेर-ए-पंजाब', 'रुस्तम-ए-ज़मां' (विश्व केसरी) और 'द ग्रेट गामा' जैसी उपाधियाँ दी गयीं। गामा विश्व के एक मात्र पहलवान थे जिन्होंने अपने जीवन में कोई कुश्ती नहीं हारी। गामा ने भारत का नाम पूरे विश्व में ऊँचा किया। 1947 में भारत की स्वतंत्रता के बाद जब पाकिस्तान बना तो गामा पाकिस्तान चले गये। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ की शादी गामा पहलवान के भाई की नातिनी कुलसुम बट से हुई है।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. अब पाकिस्तान में
  2. संयुक्त राज्य अमरीका
  3. फ़्रांस
  4. स्विटज़रलॅण्ड का यूरोप विजेता
  5. स्वीडन का विश्व विजेता

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