मंसूर अली ख़ान पटौदी  

मंसूर अली ख़ान पटौदी
Mansur Ali Khan Pataudi.jpg
व्यक्तिगत परिचय
पूरा नाम मंसूर अली ख़ान पटौदी
अन्य नाम पटौदी जूनियर, टाइगर पटौदी, नवाब पटौदी
जन्म 5 जनवरी, 1941
जन्म भूमि भोपाल, मध्य प्रदेश
अभिभावक इफ़्तिख़ार अली ख़ान पटौदी
पत्नी शर्मिला टैगोर
संतान सैफ अली ख़ान (पुत्र), बेटी सोहा अली ख़ान सबा अली ख़ान (पुत्री)
मृत्यु 22 सितंबर, 2011
मृत्यु स्थान दिल्ली
खेल परिचय
बल्लेबाज़ी शैली दाएँ हाथ के बल्लेबाज़
गेंदबाज़ी शैली दाएँ हाथ मध्यम गति
टीम भारत, दिल्ली, हैदराबाद, आक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और ससेक्स टीमों के लिए खेले
भूमिका बल्लेबाज
पहला टेस्ट दिल्ली में इंग्लैंड के खिलाफ, 13 दिसंबर 1961
आख़िरी टेस्ट मुंबई में वेस्टइंडीज के खिलाफ, 23 से 29 जनवरी, 1975
कैरियर आँकड़े
प्रारूप टेस्ट क्रिकेट एकदिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय टी-20 अन्तर्राष्ट्रीय
मुक़ाबले 46
बनाये गये रन 2793
बल्लेबाज़ी औसत 34.91
100/50 6/16
सर्वोच्च स्कोर 203 नाबाद
फेंकी गई गेंदें 132
विकेट 1
गेंदबाज़ी औसत 88.00
पारी में 5 विकेट -
मुक़ाबले में 10 विकेट -
सर्वोच्च गेंदबाज़ी 1/10
कैच/स्टम्पिंग 27 कैच
अन्य जानकारी पटौदी ने मात्र 21 वर्ष 77 दिन की उम्र में भारतीय टीम की कप्तानी संभाली थी। पटौदी उस समय दुनिया के सबसे युवा कप्तान बने थे।
बाहरी कड़ियाँ espncricinfo.com
अद्यतन

मंसूर अली ख़ान पटौदी अथवा 'नवाब पटौदी' (अंग्रेज़ी: Mansoor Ali Khan Pataudi, जन्म- 5 जनवरी, 1941, भोपाल, मध्य प्रदेश; मृत्यु- 22 सितंबर, 2011 दिल्ली) भारतीय क्रिकेट टीम के भूतपूर्व कप्तान और महान् खिलाड़ी थे। अपनी कलात्मक बल्लेबाजी से अधिक कप्तानी के कारण क्रिकेट जगत् में अमिट छाप छोडऩे वाले मंसूर अली ख़ान पटौदी ने भारतीय क्रिकेट में नेतृत्व कौशल की नई मिसाल और नए आयाम जोड़े थे।

जीवन परिचय

जन्म

पटौदी जूनियर जिन्हें दुनिया टाइगर पटौदी अथवा नवाब पटौदी के नाम से भी जानती है, का जन्म 5 जनवरी, 1941 को मध्य प्रदेश के भोपाल के नवाब परिवार में हुआ था। यह दिन उन्हें खुशी के साथ गम भी दे गया था। पटौदी का जन्म भले ही भोपाल के शाही परिवार में हुआ, लेकिन उन्हें विषम परिस्थितियों से जूझना पड़ा, चाहे वह निजी ज़िंदगी हो या फिर क्रिकेट। पटौदी जब 11वां जन्मदिन मना रहे थे, तब इसी दिन 1952 में उनके पिता पूर्व भारतीय कप्तान इफ्तिखार अली ख़ाँ पटौदी का दिल्ली में पोलो खेलते हुए दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। इसके बाद जूनियर पटौदी को सभी भूल गये। चार साल बाद ही अखबारों में उनका नाम छपा जब विनचेस्टर की तरफ से खेलते हुए उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से सभी को प्रभावित किया। अपने पिता के निधन के कुछ दिन बाद ही पटौदी इंग्लैंड आ गए थे। जब उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कैरियर शुरू किया तो 20 साल की उम्र में एक कार दुर्घटना में उनकी दाहिनी आंख की रोशनी चली गई। मंसूर अली ख़ाँ पटौदी ने इसके बावजूद क्रिकेट की अपनी विरासत न सिर्फ बरकरार रखी बल्कि भारतीय क्रिकेट को भी नई ऊंचाईयां दी। वह भारत, दिल्ली, हैदराबाद, आक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और ससेक्स टीमों के लिए खेले थे।

मंसूर अली ख़ान पटौदी

परिवार

मंसूर अली ख़ान पटौदी की शुरुआती शिक्षा-दीक्षा देहरादून के वेलहम बॉयज स्कूल में हुई और फिर उन्होंने अपनी ज़्यादातर पढ़ाई ब्रिटेन में की। वे इफ़्तिख़ार अली ख़ान पटौदी के बेटे थे। जो पटौदी के आठवें नवाब थे। इफ़्तिख़ार अली ख़ान पटौदी सीनियर पटौदी के नाम से जाने जाते थे और उन्होंने भी भारतीय क्रिकेट टीम की कप्तानी की थी।

विवाह

पटौदी ने शर्मिला टैगोर से शादी करने का फैसला 25 जुलाई, 1966 को लंदन में लिया था। इससे पहले 1 मार्च, 1967 को उनकी मंगनी हुई थी। मशहूर अदाकारा और सेंसर बोर्ड की अध्यक्ष रह चुकीं अभिनेत्री शर्मिला से उनकी पहली मुलाकात उनके कोलकाता स्थित घर पर तब हुई थी, जब पटौदी अपने एक मित्र के साथ वहां एक कार्यक्रम में गए थे। इसमें तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. जाकिर हुसैन और इंदिरा गांधी भी शामिल हुईं थीं। पटौदी के परिवार में पत्नी बालीवुड अभिनेत्री शर्मिला टैगोर और तीन बच्चे हैं। उनका बेटा बालीवुड अभिनेता सैफ अली ख़ान और अभिनेत्री सोहा अली ख़ान हैं। उनकी एक बेटी सबा अली ख़ान 'ज्वैलरी डिजाइनर' है।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

संबंधित लेख

और पढ़ें

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"http://m.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=मंसूर_अली_ख़ान_पटौदी&oldid=617658" से लिया गया