रामानाथन कृष्णन  

रामानाथन कृष्णन
रामानाथन कृष्णन
पूरा नाम रामानाथन कृष्णन
जन्म 11 अप्रैल, 1937
जन्म भूमि नागरकोइल, तमिलनाडु
अभिभावक पिता: टी. के. रामानाथन
संतान पुत्र: रमेश कृष्णन
कर्म भूमि भारत
खेल-क्षेत्र टेनिस
शिक्षा अर्थशास्त्र में एम.ए.
विद्यालय मद्रास विश्वविद्यालय
पुरस्कार-उपाधि अर्जुन पुरस्कार’ (1961‌), ‘पद्मभूषण’ (1967‌), ‘पद्मश्री’ 1962
प्रसिद्धि टेनिस खिलाड़ी
नागरिकता भारतीय
संबंधित लेख विजय अमृतराज
विशेष यह विश्व के दस सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक रहे है, जहां कोई भारतीय टेनिस खिलाड़ी नहीं पहुँच सका है।
अन्य जानकारी रामानाथन कृष्णन ने विंबलडन खेल के जूनियर एकल मुकाबले के फाइनल में एशली कूपर को हरा दिया था, यह ऐसी जीत हासिल करने वाले प्रथम भारतीय ही नहीं, बल्कि प्रथम एशियाई भी थे।
अद्यतन‎ 04:20, 11 नवम्बर-2016 (IST)

रामानाथन कृष्णन (अंग्रेज़ी: Ramanathan Krishnan, जन्म- 11 अप्रैल, 1937, नागरकोइल, तमिलनाडु) भारत के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से है। उनकी जैसी ऊंचाई तक भारत का कोई अन्य टेनिस खिलाड़ी नहीं पहुंच सका। वह विश्व के सर्वश्रेष्ठ 10 खिलाड़ियों में अपना स्थान बना सके। विंबलडन में वह चौथी सीड के खिलाड़ी बने। यदि रामानाथन कृष्णन को स्वतन्त्रता के बाद भारतीय टेनिस का आर्किटेक्ट कहा जाए तो शायद अतिशोयोक्ति नहीं होगी। उन्हें 1961 में ‘अर्जुन पुरस्कार’, 1962 में ‘पद्मश्री’ तथा 1967 में ‘पद्मभूषण’ प्रदान किया गया था।

परिचय

रामानाथन कृष्णन का जन्म 11 अप्रैल सन 1937 ई. में तमिलनाडु के नागरकोइल में हुआ था। उनको टेनिस खेलने की प्रेरणा अपने पिता टी. के. रामानाथन से मिली, जो टेनिस के चैंपियन रहे थे। कृष्णन ने अपने पिता के निर्देशन में आगे बढ़ते हुए शीघ्र ही खेल में निपुणता हासिल कर ली। उन्होंने मद्रास विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में एम.ए. किया था। उन्होंने टेनिस में एक कुशल खिलाड़ी की भाँति अपने लिए शीघ्र ही जगह बना ली और बहुत जल्दी टेनिस की एक जानी-मानी हस्ती बन गए। उन्होंने 8 वर्ष तक लगातार टेनिस की जूनियर तथा सीनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप जीतीं।[1]

इसके पश्चात् उन्होंने कुछ ऐसी धाक जमाई कि वह भारतीय टेनिस का आईना बन गए। उन्होंने लगभग 13 वर्षों तक अपनी कुशलता को प्रदर्शित कर अपना उच्च स्थान बनाए रखा। वह विश्व रेटिंग में उस स्थान तक पहुँचे जहां भारत का कोई खिलाड़ी नहीं पहुँच सका। उनकी उपलब्धि तक उनके बाद के खिलाड़ी विजय अमृतराज भी नहीं पहुँच सके। अलग-अलग पाँच अवसरों पर रामानाथन कृष्णन को विश्व के 10 सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में स्थान दिया गया। फिर 1962 के विंबलडन में वह 4 सीडेड खिलाड़ी थे। तब उन्हें टखने की चोट के कारण। खेल से हटना पड़ा।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. 1.0 1.1 1.2 रामानाथन कृष्णन का जीवन परिचय (हिंदी) कैसे और क्या। अभिगमन तिथि: 30 सितम्बर, 2016।

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