सचिन तेंदुलकर  

सचिन तेंदुलकर
विश्वकप 2011 की ट्रॉफ़ी के साथ सचिन तेंदुलकर
व्यक्तिगत परिचय
पूरा नाम सचिन तेंदुलकर
अन्य नाम मास्टर ब्लास्टर, लिटिल मास्टर, तेंदल्या, लिटिल चैंपियन
जन्म 24 अप्रैल, 1973
जन्म भूमि मुंबई
ऊँचाई 5 फुट 5 इंच
अभिभावक रमेश तेंदुलकर और रजनी तेंदुलकर
पत्नी अंजलि तेंदुलकर
संतान पुत्री-सारा और पुत्र-अर्जुन तेंदुलकर
खेल परिचय
बल्लेबाज़ी शैली दाएँ हाथ
गेंदबाज़ी शैली दायें हाथ के लेग स्पिन एवं मध्यम तेज़ गेंदबाज़ी
टीम भारत, एशिया XI, मुंबई, मुंबई इंडियंस, यॉर्कशायर
भूमिका बल्लेबाज
पहला टेस्ट 15 नवम्बर, 1989 बनाम पाकिस्तान, कराची
आख़िरी टेस्ट 14 नवम्बर, 2013 बनाम वेस्टइंडीज, मुंबई[1]
पहला वनडे 18 दिसंबर, 1989 बनाम पाकिस्तान, गुजरांवाला
आख़िरी वनडे 18 मार्च, 2012 बनाम पाकिस्तान[2]
कैरियर आँकड़े
प्रारूप टेस्ट क्रिकेट एकदिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय प्रथम श्रेणी
मुक़ाबले 200 463 310
बनाये गये रन 15,921 18,426 25,396
बल्लेबाज़ी औसत 53.78 44.83 57.84
100/50 51/68 49/96 81/116
सर्वोच्च स्कोर 248* 200* 248*
फेंकी गई गेंदें 4,240 8,054 7,605
विकेट 46 154 71
गेंदबाज़ी औसत 54.17 44.48 61.74
पारी में 5 विकेट 0 2 3/10
मुक़ाबले में 10 विकेट 0 0 0
सर्वोच्च गेंदबाज़ी 3/10 5/32 -
कैच/स्टम्पिंग 115 140 186
सम्मान और पुरस्कार पद्म श्री, राजीव गाँधी खेल रत्न पुरस्कार, पद्म विभूषण, भारत रत्न[3]
अन्य जानकारी सचिन तेंदुलकर ने सिर्फ एक टी-ट्वेंटी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैच खेला जिसमें 10 रन बनाए और 1 विकेट भी लिया था।
बाहरी कड़ियाँ espncricinfo
अद्यतन

सचिन तेंदुलकर (अंग्रेज़ी: Sachin Tendulkar, जन्म: 24 अप्रॅल, 1973) क्रिकेट इतिहास में विश्व के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज़ों में शामिल एक भारतीय क्रिकेटर हैं। वे बल्लेबाज़ी में कई कीर्तिमान स्थापित कर चुके हैं। सचिन तेंदुलकर ने टेस्टएकदिवसीय क्रिकेट, दोनों में सर्वाधिक शतक अर्जित किये हैं। वे टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ है। इसके साथ टेस्ट क्रिकेट में 15,000 से अधिक रन बनाने वाले वे विश्व के एकमात्र खिलाड़ी हैं। एकदिवसीय मैचों में भी उन्हें कुल सर्वाधिक रन बनाने का कीर्तिमान प्राप्त है। महान् बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को 16 नवंबर 2013 (शनिवार) को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहते ही भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न के लिए भी चुन लिया गया। वह इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चुने जाने वाले पहले खिलाड़ी हैं।[4]

  • सचिन विश्व के एकमात्र खिलाड़ी हैं जिसने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में 100 शतक लगाये हैं।
  • सचिन राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित पहले क्रिकेट खिलाड़ी हैं। वे सन् 2008 में पद्म विभूषण से भी पुरस्कृत किये जा चुके हैं।
  • वे क्रिकेट जगत के सर्वाधिक प्रायोजित खिलाड़ी हैं और विश्वभर में उनके अनेक प्रशंसक हैं। उनके प्रशंसक उन्हें प्यार से लिटिल मास्टरमास्टर ब्लास्टर कह कर बुलाते हैं।
क्रिकेट विश्व कप ट्रॉफी-2011 के साथ सचिन तेंदुलकर, हरभजन सिंह और सुरेश रैना

जीवन परिचय

राजापुर के सारस्वत ब्राह्मण परिवार में जन्मे सचिन का नाम उनके पिता 'रमेश तेंदुलकर' ने उनके चहेते संगीतकार सचिन देव बर्मन के नाम पर रखा था। उनके बड़े भाई 'अजीत तेंदुलकर' ने उन्हें खेलने के लिये प्रोत्साहित किया था। सचिन के एक भाई नितिन तेंदुलकर और एक बहन सवितई तेंदुलकर भी हैं। 1995 में सचिन तेंदुलकर का विवाह अंजलि तेंदुलकर से हुआ, वो पेशे से डॉक्टर हैं। सचिन की दो संतान हैं- पुत्री सारा और पुत्र अर्जुन। क्रिकेट के अलावा वे अपने ही नाम के एक सफल रेस्टोरेंट के मालिक भी हैं।

क्रिकेट की शुरुआत

सचिन अपनी पत्नी (अंजलि), पुत्र (अर्जुन) और पुत्री (सारा) के साथ

सचिन ने शारदाश्रम विद्यामंदिर में अपनी शिक्षा ग्रहण की। तेज़ गेंदबाज़ बनने के लिये उन्होंने एम.आर.एफ. पेस फाउंडेशन के अभ्यास कार्यक्रम में शिरकत की। पर वहाँ तेज़ गेंदबाज़ी के कोच डेनिस लिली ने उन्हें पूर्ण रूप से अपनी बल्लेबाज़ी पर ध्यान केंद्रित करने को कहा। रमाकांत आचरेकर के निर्देशन में अल्पायु में ही क्रिकेट खेलना शुरू करके तेंदुलकर ने 1988 में स्कूल के एक हॅरिस शील्ड मॅच में विनोद कांबली के साथ खेलते हुए 664 रन की भागीदारी बनाकर स्कूल क्रिकेट में विश्व कीर्तिमान स्थापित किया। इस धमाकेदार जोडी के अद्वितीय प्रदर्शन के कारण एक गेंदबाज तो रो ही दिया और विरोधी पक्ष ने मैच आगे खेलने से इंकार कर दिया। सचिन ने इस मैच में 320 रन और प्रतियोगिता में हज़ार से भी ज़्यादा रन बनाये। युवाकाल में तेंदुलकर घंटों अपने कोच के साथ अभ्यास करते थे। उनके कोच स्टम्प्स पर एक रुपये का सिक्का रख देते, और जो गेंदबाज़ सचिन को आउट करता, वह् सिक्का उसी को मिलता था। और यदि सचिन बिना आउट हुये पूरे समय बल्लेबाज़ी करने में सफल हो जाते, तो ये सिक्का उन्हें मिलता था। सचिन के अनुसार उस समय उनके द्वारा जीते गये 13 सिक्के आज भी उन्हें सबसे ज़्यादा प्रिय हैं। सचिन ने अपना पहला प्रथम श्रेणी क्रिकेट मैच मुंबई के लिये 14 वर्ष की उम्र मे खेला।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. मुंबई के वानखेडे स्टेडियम में खेले गये अंतिम टेस्ट मैच में सचिन तेंदुलकर ने 74 रनों की शानदार पारी खेली और भारत ने यह मैच एक पारी और 126 रनों से जीता।
  2. यह मैच एकदिवसीय कैरियर का अंतिम मैच रहा। इस मैच में सचिन तेंदुलकर ने 48 गेंदों में शानदार 52 रन बनाए और भारत ने 330 रनों का लक्ष्य आसानी से हासिल कर पाकिस्तान को 6 विकेट से हराया।
  3. 16 नवम्बर 2013 को सचिन तेंदुलकर के क्रिकेट से सन्न्यास लेने के मौक़े पर भारत सरकार ने देश के सबसे बड़े नागिरक सम्मान "भारत रत्न" की घोषणा की।
  4. भारत रत्न सचिन (हिंदी) लाइव हिंदुस्तान। अभिगमन तिथि: 16 नवंबर, 2013।
  5. इस दिन सचिन तेंदुलकर का जन्म दिन था।

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